भोपाल, 24 अगस्त (आईएएनएस) मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा है कि वर्तमान दौर में स्किल नई करेंसी है और इनोवेशन नई इकोनामी । मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित राज्य स्तरीय कॉन्क्लेव "कंट्रीब्यूशन ऑफ सेंट्रली फंडेड इंस्टीट्यूशंस फॉर समृद्ध मध्यप्रदेश 2047" का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर नारियल एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर मुख्यमंत्री का सम्मान किया गया।
इस मौके पर मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि आज के समय में जब हमारे लिए स्किल नई करेंसी और इनोवेशन नई इकोनॉमी है, ऐसे समय में हमारे संस्थानों को कौशल, शोध, नवाचार एवं उद्यमिता का केंद्र बनाने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री यादव ने नदी जोड़ो योजना की चर्चा करते हुए कहा कि केन-बेतवा लिंक परियोजना मध्यप्रदेश की पहली ऐतिहासिक नदी जोड़ो परियोजना है। इसके माध्यम से नदियों को जोड़कर जल का बेहतर प्रबंधन होगा, सिंचाई का क्षेत्र बढ़ेगा और किसानों को पर्याप्त जल उपलब्ध होगा। साथ ही, बाढ़ जैसी आपदाओं के प्रभाव को कम करने में भी यह परियोजना महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इसी क्रम में पार्वती-कालीसिंध-चंबल परियोजना के माध्यम से मध्यप्रदेश और राजस्थान के बीच लंबे समय से चले आ रहे जल-विवाद का समाधान हुआ है। इससे राजस्थान के 15 और मध्यप्रदेश के 15 जिलों को पर्याप्त जल की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। आज का समय स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का है। जब राज्य आगे बढ़ेगा, तब देश भी आगे बढ़ेगा। अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान द्वारा वन इंस्टिट्यूट - वन प्रॉमिस थीम पर आयोजित इस कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री यादव ने कहा भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के जीवन दर्शन में राष्ट्रसेवा और अंत्योदय था, उनके कार्य और विचारों को अटल बिहारी वाजपेयी संस्थान आत्मसात करते हुए आगे बढ़े, यही कामना है। इस मौके पर मध्यप्रदेश के समग्र एवं संतुलित विकास के लिए केंद्रीय संस्थानों के प्रमुखों द्वारा विशेषज्ञता, तकनीकी सहयोग एवं नवाचारों के प्रभावी उपयोग को लेकर प्रस्तुतियां दी गईं। मुख्यमंत्री यादव ने "समृद्ध मध्यप्रदेश-2047" स्मारिका का विमोचन किया। आईएएनएस एसएनपी







