Sanjay Nirupam Statement : महाराष्ट्र के विकास के लिए हमारा जीतना जरूरी है : संजय निरुपम

संजय निरुपम: महानगर पालिका में जीत जरूरी, तभी महाराष्ट्र का विकास तेज होगा
महाराष्ट्र के विकास के लिए हमारा जीतना जरूरी है : संजय निरुपम

मुंबई: शिवसेना प्रवक्ता संजय निरुपम ने कहा कि महाराष्ट्र में विकास की गति को तेज करने के लिए महानगर पालिका में भी हमारी पार्टी का जीतना जरूरी हो जाता है।

उन्होंने मंगलवार को समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि बहुत सारी योजनाएं ऐसी होती हैं, जिन्हें धरातल पर लागू करने के लिए महानगर पालिका की मंजूरी की आवश्यकता होती है। लेकिन, अफसोस, जब किसी विरोधी दल की सरकार महानगर पालिका में होती है, तो वह राजनीति करने के मंशा से इन योजनाओं का विरोध करती है। ऐसी स्थिति में महाराष्ट्र में विकास की गति को तेज करने के लिए महानगर पालिका में भी हमारी पार्टी का जीतना जरूरी हो जाता है।

शिवसेना प्रवक्ता संजय निरुपम ने कहा कि इस बात में कोई दो राय नहीं है कि इस बार महानगर पालिका का महापौर मराठी होगा, और वो हिंदू होगा। तभी जाकर महाराष्ट्र का विकास तेज गति से होगा। अगर पिछले चार साल में महाराष्ट्र ने विकास के मामले में नया कीर्तिमान स्थापित किया है, तो निसंदेह इसका श्रेय हमारी सरकार को जाता है, क्योंकि हर स्तर पर हमारी सरकार है।

उन्होंने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट किया है कि अभी ऑपरेशन सिंदूर समाप्त नहीं हुआ है। अभी यह ऑपरेशन जारी है। मौजूदा समय में दोनों देशों के बीच संवाद का सिलसिला जारी है। हम स्थिति को अनुकूल करने में जुटे हुए हैं। लेकिन, पाकिस्तान को एक बात ध्यान रखनी होगी कि अगर उसने फिर से किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति को अंजाम देने के बारे में विचार किया, तो निश्चित तौर पर उसे भारत की तरफ से माकूल जवाब दिया जाएगा। उसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

संजय निरुपम ने शिवसेना (यूबीटी) पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि शिवसेना (यूबीटी) के लोग हमेशा से ही नफरत फैलाते हुए आए हैं। अन्नामलाई के संदर्भ में जिस तरह के कथनों का जिक्र सामना ने संपादकीय में किया, वो बिल्कुल गलत है। शिवसेना (यूबीटी) के लोग इस प्रसंग की आड़ में महाराष्ट्र में रह रहे दक्षिण भारतीय लोगों के लिए नफरत फैलाने का काम कर रहे हैं, जिसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता है।

वहीं, लाडकी बहीण योजना को लेकर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा से ही इस योजना की विरोधी रही है। शिवसेना (यूबीटी) के लोगों ने यहां तक वादा किया था कि जब हम सरकार में आएंगे, तो इस योजना को खत्म करेंगे। लेकिन, प्रदेश की जनता ने ऐसे लोगों को माकूल जवाब दिया।

उन्होंने कहा कि हमारी सरकार जब कभी-भी कोई त्योहार होता है, तो उससे पहले उनके खाते में पैसे भेजती है, ताकि वो अपना त्योहार अच्छे से मना सकें। रक्षा बंधन, भैया दूज और दीपावली जैसे मौके पर इनके खाते में किस्त जा चुकी है। वहीं, अब इस बार यह संयोग है कि 15 को चुनाव है और 16 को नतीजों की घोषणा होगी, और 14 तारीख को मकर संक्रांति है। ऐसे में हमारी सरकार ने बहनों के खाते में पैसे भेजे, ताकि वो अपना त्योहार मना सकें, जिसे लेकर कांग्रेस ने सवाल उठाया। इसके अलावा, चुनाव आयोग ने इस पर स्टे लगा दिया है, जिसका हम स्वागत करते हैं।

--आईएएनएस

 

 

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