सूरत/जूनागढ़, 11 अगस्त (आईएएनएस)। गुजरात के सूरत शहर की साइबर क्राइम सेल ने ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग धोखाधड़ी के एक मामले में मंगलवार को जूनागढ़ से दो लोगों को गिरफ्तार किया। इस मामले में एक व्यक्ति से 42.98 लाख रुपए की ठगी की गई थी।
जांच के दौरान आरोपियों के बैंक खातों की जांच में देश के विभिन्न राज्यों में दर्ज तीन अन्य साइबर धोखाधड़ी मामलों से भी संबंध सामने आए हैं, जिनमें कुल ठगी की रकम 4 करोड़ रुपए से अधिक बताई जा रही है।
साइबर क्राइम सेल के अनुसार, आरोपियों ने कथित रूप से एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया और अच्छे मुनाफे का लालच देकर शिकायतकर्ता को शेयर ट्रेडिंग के लिए आईडी बनवाने के लिए प्रेरित किया।
इसके बाद शिकायतकर्ता से शेयर ट्रेडिंग के नाम पर विभिन्न बैंक खातों में कुल 42,98,934 रुपए ट्रांसफर कराए गए। जब रकम वापस नहीं मिली, तो शिकायतकर्ता ने साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई।
मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 318(4), 336(2), 338, 336(3), 340(2), 61(2) और 3(5) के साथ सूचना प्रौद्योगिकी (संशोधन) अधिनियम, 2008 की धारा 66(डी) के तहत मामला दर्ज किया गया।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर पुलिस निरीक्षक एएम मोरी ने धोखाधड़ी में शामिल लोगों का पता लगाने के लिए एक टीम गठित की। टीम ने तकनीकी जांच की और जूनागढ़ पहुंचकर दो संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया।
पहले आरोपी की पहचान 33 वर्षीय गौतमकुमार लाठेगर के रूप में हुई है। वह दिहाड़ी मजदूर है और नौवीं कक्षा तक पढ़ा हुआ है। वह जूनागढ़ जिले के जवाहर रोड के पास आरके अपार्टमेंट में रहता है।
पुलिस के अनुसार, इस मामले से जुड़े 2 लाख रुपए गौतमकुमार के खाते में ट्रांसफर किए गए थे। जांच में यह भी पता चला कि उसके यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के खाते से कुल 18,49,552 रुपए का लेनदेन हुआ था।
पुलिस का आरोप है कि गौतमकुमार ने कमीशन के बदले अपना बैंक खाता सह-आरोपी सचिनकुमार टेटा को उपलब्ध कराया था, जिसका इस्तेमाल साइबर धोखाधड़ी में किया गया।
दूसरे आरोपी की पहचान 42 वर्षीय सचिनकुमार टेटा के रूप में हुई है। वह रियल एस्टेट ब्रोकर है, 12वीं पास है और जूनागढ़ के मेघानी नगर इलाके में रहता है।
पुलिस के मुताबिक, सचिनकुमार ने गौतमकुमार का बैंक खाता एक फरार आरोपी को साइबर ठगी में इस्तेमाल करने के लिए दिया था। इसके बदले उसे 15,000 रुपए कमीशन मिला था।
जांच के दौरान पुलिस ने एक आरोपी के बैंक खाते की कोऑर्डिनेशन पोर्टल के जरिए जांच की। इसमें पता चला कि यह खाता देश के अलग-अलग राज्यों में दर्ज तीन अन्य साइबर अपराध शिकायतों से भी जुड़ा हुआ है।
पुलिस ने बताया कि इन तीनों मामलों में पीड़ितों से कुल 4,03,00,157 रुपए की साइबर ठगी की गई थी।
साइबर क्राइम सेल ने लोगों को सलाह दी है कि वे फॉरेक्स ट्रेडिंग, शेयर ट्रेडिंग या क्रिप्टोकरेंसी में निवेश पर भारी मुनाफे का दावा करने वाले अनचाहे संदेशों पर भरोसा न करें और पहले उनकी सत्यता की जांच करें।
साथ ही, अगर किसी अनजान नंबर से व्हाट्सएप या टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ा जाए, तो तुरंत ग्रुप छोड़ दें और उस नंबर को ब्लॉक कर दें।
पुलिस ने यह चेतावनी भी दी कि शुरुआती तौर पर थोड़ा लाभ मिलने के बाद बड़ी रकम निवेश न करें, क्योंकि साइबर ठग अक्सर लोगों का भरोसा जीतने के लिए ऐसा तरीका अपनाते हैं।
इसके अलावा, सोशल मीडिया या वैवाहिक वेबसाइटों पर मिले अंजान लोगों पर भरोसा करने और उन्हें पैसे भेजने से भी बचने की सलाह दी गई है।
--आईएएनएस
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