शिवसेना (यूबीटी) में टूट की अटकलों के बीच संजय राउत की चेतावनी, दगाबाजी बर्दाश्त नहीं करेंगे

शिवसेना (यूबीटी) में टूट की अटकलों के बीच संजय राउत की चेतावनी, दगाबाजी बर्दाश्त नहीं करेंगे

नई दिल्ली, 18 जून (आईएएनएस)। महाराष्ट्र में शिवसेना (यूबीटी) में कभी भी दरार की नौबत आ सकती है। इन अटकलों के बीच शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत और अरविंद सांवत ने मोर्चा संभालते हुए संयुक्त प्रेसवार्ता कर दलबदलुओं को कड़ी चेतावनी दी।

दोनों नेताओं ने कहा कि पार्टी किसी भी प्रकार की दगाबाजी को बर्दाश्त करने वाली नहीं है। अगर कोई भी तत्व पार्टी को विभाजित करेगा, तो उसके खिलाफ कड़ी विधिक कार्रवाई की जाएगी।

यह प्रेसवार्ता दिल्ली स्थित संसद दफ्तर में शिवसेना (यूबीटी) की संसदीय दल की बैठक से पहले बुलाई गई थी। राजनीतिक गलियारों में इस बैठक को काफी अहम माना जा रहा है।

लोकसभा सदस्य अरविंद सांवत ने बताया कि पार्टी की ओर से तीन लाइन का व्हिप जारी किया गया है। इस व्हिप को सभी सांसदों के आवास पर भेज दिया गया है। इसके इतर, जिन सांसदों के आवास में नहीं भेजा गया है, उन्हें ई-मेल या वाट्सएप के जरिए भेजा गया है। इस व्हिप कानून अनुपालन की बात को विस्तार से बताया गया है। साथ ही अरविंद सांवत ने संसदीय दल की बैठक को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की। उनके मुताबिक, यह बैठक सांसदों की मौजूदगी सुनिश्चित करने और संसदीय आदेशों को संप्रेषित करने के ध्येय से आहूत की गई थी।

इसके अलावा, संजय राउत ने मीडिया में शिवसेना (यूबीटी) के खेमे में सामूहिक दल बदल के अटकलों को लेकर विपक्षी दलों पर कटाक्ष किया। उनके मुताबिक, मीडिया की स्थिति को देखकर मुझे यह कहने में कोई गुरेज नहीं है कि मौजूदा समय में हमारे खेमे में सांसदों की संख्या 9 है, लेकिन मुझे ऐसा प्रतीत होता है कि आज ही यह 9 सांसदों की संख्या 15 में तब्दील हो जाए।

संजय राउत ने बताया कि पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने मौजूदा स्थिति की समीक्षा करने के लिए सभी को बुलाया। साथ ही सभी को यह स्पष्ट कर दिया कि इस राजनीतिक संकट से कैसे उबरना है। इसके अलावा रांकपा (एसपी) के प्रमुख शरद प्रवार ने उद्धव ठाकरे के प्रति अपना समर्थन जताया है।

संजय राउत के मुताबिक, पवार साहब ने सामने आकर इस बात को लेकर सहमति जताई कि वो सभी विद्रोही सांसदों के राजनीतिक क्षेत्र में हर प्रकार की राजनीतिक रैलियों को संपन्न करने के लिए तैयार हैं। इस लड़ाई को संयुक्त रूप से महाविकास अघाड़ी की ओर से लड़ा जाएगा, जिसमें शिवसेना (यूबीटी), एनसीपी (शरदचंद्र गुट) और कांग्रेस शामिल हैं।

प्रेसवार्ता में दोनों ही नेताओं ने एकनाथ शिंदे और बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि मौजूदा समय में भाजपा सीबीआई और ईडी जैसी एजेंसियों का दुरुपयोग करके लोकतंत्र का अपहरण करने पर उतारू हो चुकी है। अरविंद सावंत ने बाला साहेब ठाकरे के ज्वलंत शब्दों का जिक्र करते हुए कहा कि शिवसेना प्रमुख ने ऐलान किया है कि अगर भविष्य में सांसद और विधायक में किसी भी प्रकार का दोष भविष्य में पाया जाता है तो ऐसी स्थिति में कानून दांवपेंच का सामना करने में किसी भी प्रकार का गुरेज नहीं होना चाहिए। मेरी सभी सांसदों और विधायकों से अपील है कि वो सड़कों पर उतरकर इसका सामना करना। यही बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा है, जिसके साथ कोई समझौता नहीं हो सकता है।

संजय राउत ने सत्तारूढ़ गठबंधन को चुनौती देते हुए कहा कि आखिर आप लोग ईडी और सीबीआई का सहारा लेकर हमें डराने वाले कौन होते हैं? हम जेल होकर आए हैं और आगे भी जाने के लिए तैयार हैं, लेकिन इस बार हम तुम्हें जेल जाने से पहले कड़ा सबक सिखाकर जाएंगे। एक बार फिर से इन लोगों ने हमारी पार्टी को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। अगर इस बार हम तुम्हारे तंत्र को जवाब नहीं देंगे, तो हम शिवसेना के बेटे नहीं कहलाएंगे, क्योंकि पिता का नाम बाला साहेब ठाकरे है।

वहीं, संजय राउत ने शिंदे गुट की आलोचना करते हुए कहा कि इनकी तुलना मुंबई रेड लाइट के ब्रोकर से की, जिन्हें आमतौर पर महाराष्ट्र में गोलपीठा कहा जाता है। साथ ही, उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था को ध्वस्त करने की कोशिश कर रही है।

--आईएएनएस

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