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शिवम एसोसिएट्स और अन्य के खिलाफ ईडी की कार्रवाई, कई ठिकानों पर छापेमारी

शिवम

बेंगलुरु, 11 अगस्त (आईएएनएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), मैंगलोर ने 7 अगस्त को बेलगावी, चिक्कोडी और निपाणी में शिवम एसोसिएट्स, शिवानंद सिद्दप्पा नीलनवर और उनसे जुड़े अन्य लोगों/संस्थाओं से जुड़ी जगहों पर तलाशी अभियान चलाया। ईडी की ओर से यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए), 2002 की धारा 17 के तहत की गई।

इस मामले में ईडी ने मंगलवार को एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि ईडी ने मालामारुति पुलिस स्टेशन, बेलगावी शहर में दर्ज एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की। यह एफआईआर 'बैनिंग ऑफ अनरेगुलेटेड डिपॉजिट स्कीम्स एक्ट, 2019' और 'कर्नाटक प्रोटेक्शन ऑफ इंटरेस्ट ऑफ डिपॉजिटर्स इन फाइनेंशियल एस्टेब्लिशमेंट्स एक्ट, 2004' के तहत दर्ज की गई थी। एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि लोगों को बहुत ज्यादा और पक्के रिटर्न का वादा करके पैसे निवेश करने के लिए उकसाया गया था।

ईडी को पीएमएलए के तहत जांच से पता चलता है कि शिवम एसोसिएट्स और उससे जुड़े लोगों/संस्थाओं ने कथित तौर पर बड़ी संख्या में निवेशकों से भारी मात्रा में फंड इकट्ठा किया। बैंकों और अन्य रिकॉर्ड से मिली जानकारी के शुरुआती विश्लेषण से पता चलता है कि बिजनेस, पर्सनल और इंटरमीडियरी अकाउंट्स के जरिए फंड का बड़े पैमाने पर लेनदेन हुआ। इसमें स्टॉक ब्रोकर्स, फिक्स्ड-डिपॉजिट अकाउंट्स, संबंधित लोगों और अन्य लाभार्थियों को किए गए ट्रांसफर भी शामिल हैं।

जांच में शिवम एसोसिएट्स, शिवानंद सिद्दप्पा नीलनवर, सुभाष रामागोडा नंदरगी, महेश एस नीलनवर, शिवम प्रोडक्शंस, शिवम लाइफलाइन प्राइवेट लिमिटेड, शिवम सेवा (ओपीसी) प्राइवेट लिमिटेड और अन्य संबंधित लोगों/संस्थाओं के बीच एक वित्तीय संबंध की भी पहचान की गई है।

इन लोगों और संस्थाओं के बैंक अकाउंट्स और फाइनेंशियल रिकॉर्ड्स के विश्लेषण से फंड के बड़े पैमाने पर और आपस में जुड़े हुए लेनदेन का पता चला है। जांच में यह भी पता चला कि शिवानंद सिद्दप्पा नीलनवर ने निवेश/डिपॉजिट पर हर महीने 3 प्रतिशत रिटर्न का वादा करके लोगों को लुभाया और जनता से लगभग 2110.97 करोड़ रुपए जमा किए।

तलाशी अभियान के दौरान इसके बदले लगभग 333.89 करोड़ रुपए के भुगतान की पहचान की गई है। इस प्रक्रिया से कमाए गए अपराध के पैसे में से 1,777.08 करोड़ रुपए का अभी तक पता नहीं चल पाया है। इसके अलावा, यह भी पता चला है कि लोगों को निवेश के लिए लुभाने का काम करने वाले एजेंटों को 0.5 प्रतिशत कमीशन दिया गया था।

तलाशी अभियान के दौरान ईडी ने अपराध से हुई कमाई के बनने, उसे इधर-उधर ले जाने, लेयरिंग और पार्किंग से जुड़े कई अहम दस्तावेज और डिजिटल सबूत बरामद और जब्त किए। तलाशी में पैसों के लेनदेन, फंड को दूसरी जगह लगाने और पार्क करने, अचल संपत्तियों में निवेश और आरोपी से जुड़े विभिन्न लोगों और संस्थाओं के साथ लेनदेन से संबंधित अहम रिकॉर्ड भी बरामद और जब्त किए गए। तलाशी के दौरान मिले सामान और डिजिटल सबूतों की जांच के साथ ईडी की ओर से इस मामले से जुड़ी आगे की जांच जारी है।

--आईएएनएस

डीके/पीएम