नई दिल्ली, 9 सितंबर (आईएएनएस)। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को कोलंबो में श्रीलंका की प्रधानमंत्री हरिनी अमरसूर्या से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने भारत और श्रीलंका के बीच विकासात्मक सहयोग, शिक्षा जैसे विषयों पर चर्चा हुई। साथ ही दोनों देशों के मजबूत सांस्कृतिक और सभ्यतागत संबंधों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श किया।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत और श्रीलंका साझी विरासत वाले लोकतांत्रिक देश और करीबी पड़ोसी हैं। दोनों देशों को क्षेत्र में शांति और समृद्धि सुनिश्चित करने के लिए विकास की साझा सोच के साथ आगे भी मिलकर काम करना चाहिए।
इस महत्वपूर्ण मुलाकात के बाद राजनाथ सिंह का कहना था कि उन्होंने श्रीलंका की प्रधानमंत्री के साथ विकासात्मक सहयोग, शिक्षा, सांस्कृतिक एवं सभ्यतागत संबंधों सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर विचारों का आदान-प्रदान किया। राजनाथ सिंह ने कहा कि श्रीलंका की प्रधानमंत्री हरिनी अमरसूर्या के साथ हुई बैठक में दोनों देशों के बीच पर व्यापक चर्चा हुई।
उन्होंने कहा कि भारत और श्रीलंका के बीच सदियों पुराने सांस्कृतिक और सभ्यतागत संबंध दोनों देशों के रिश्तों की मजबूत नींव हैं। साझा विरासत और लोकतांत्रिक मूल्यों से जुड़े दोनों देशों के लिए यह जरूरी है कि वे क्षेत्र की शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए मिलकर काम करते रहें। रक्षा मंत्री ने बैठक के दौरान क्षेत्र के शांतिपूर्ण और समृद्ध भविष्य के लिए साझा विकास दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत और श्रीलंका के बीच सहयोग को और मजबूत करना दोनों देशों के साथ-साथ पूरे क्षेत्र के हित में है।
राजनाथ सिंह की श्रीलंका यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच रक्षा और सुरक्षा सहयोग के साथ-साथ व्यापक द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। उनकी श्रीलंका यात्रा भारत की पड़ोसी प्रथम नीति और हिंद महासागर क्षेत्र में शांति, सुरक्षा एवं स्थिरता के लिए भारत की प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करती है।
इससे पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को ही श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके से कोलंबो में मुलाकात की थी। इस दौरान दोनों नेताओं ने भारत और श्रीलंका के बीच द्विपक्षीय संबंधों, रक्षा सहयोग तथा क्षेत्रीय शांति, सुरक्षा और समृद्धि से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की।
राजनाथ सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से श्रीलंका के राष्ट्रपति को शुभकामनाएं दीं व उनकी सरकार के दो वर्ष सफलतापूर्वक पूरे होने पर उन्हें बधाई दी। रक्षा मंत्री का कहना था कि भारत और श्रीलंका सभ्यतागत रूप से जुड़े हुए, करीबी पड़ोसी और महत्वपूर्ण समुद्री साझेदार हैं। दोनों देशों ने एक बार फिर इस बात की पुष्टि की कि वे अपने-अपने देशों के विकास और दोनों देशों की जनता के कल्याण के लिए मिलकर काम करते रहेंगे।
--आईएएनएस
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