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शिक्षक दिवस पर पंजाब सरकार पर बरसे तरुण चुघ, बोले- हक मांगने पर शिक्षकों पर हो रहा अत्याचार

शिक्षक

नई दिल्ली, 5 सितंबर (आईएएनएस)। भाजपा के राज्यसभा सदस्य तरुण चुघ ने शनिवार को समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि आज पूरा देश शिक्षक दिवस मना रहा है, लेकिन यह दुर्भाग्य की बात है कि आज पंजाब का शिक्षक अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर आ चुका है।

तरुण चुघ ने कहा कि पंजाब की भगवंत मान की सरकार शिक्षकों को अधिकार देने के बजाय उन्हें लाठी डंडे से पीट रही है। अभी पंजाब में 1 लाख 13 हजार लेक्चर पदों की भर्ती शुरू हुई है, लेकिन इस पूरी प्रक्रिया में एससी और एसटी भाइयों के साथ अन्याय किया जा रहा है। यह पूरा मामला सिर्फ नौकरी तक सीमित नहीं है, बल्कि इस बात का है कि कैसे यहां पर संविधान की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।

भाजपा सांसद ने कहा कि पंजाब में एक अलग तरह की स्थिति पैदा हो चुकी है। कभी कोई मनचला आता है। बाबा भीमराम आबंडेकर के प्रतिमा को क्षतिग्रस्त करता है तो कभी कोई उस पर कालिख पोत देता है। जानबूझकर पंजाब सरकार शिक्षकों के संवैधानिक अधिकारों को छीनने की कोशिश कर रही है, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता है। आज मैंने राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष किशोर मकमाना को इस संबंध में पत्र भी लिखा है। इस पत्र में मैंने लिखा कि पूरे मामले को संज्ञान में लेने के बाद जांच शुरू कराए और पता करे कि कैसे वहां अनुसूचित जाति के लोगों के साथ अन्याय हो रहा है। उनके साथ उत्पीड़न हो रहा है । दलितों के साथ उत्पीड़न के मामले में तेजी से वृद्धि हो रही है।

भाजपा नेता तरुण चुघ ने कहा कि पंजाब में किस तरह से अनुसूचित जाति के लोगों के साथ अन्याय हो रहा है, उसकी पूरी रिपोर्ट दिल्ली तलब की जाए। इस मामले में शामिल दोषी अधिकारियों क खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही जिन खाकी और खादी वर्दी धारकों की वजह से अनुसूचित जाति के लोगों को न्याय नहीं मिल पा रहा है। यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि ऐसे तबके के लोगों को इंसाफ मिले। उन्हें इंसाफ दिलाने की दिशा में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए।

उधर, पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले कर्मचारियों का डीए बढ़ा दिया गया है। इस पर भी भाजपा नेता तरुण चुघ ने प्रतिक्रिया दी। उनके मुताबिक पिछले लंबे समय से कर्मचारी सड़कों पर हैं। साढ़े सात लाख से ज्यादा कर्मचारियों का डीए पेडिंग है। आज भगवंत मान और केजरीवाल ने डिवाइड और रूल के माध्यम से पंजाब की जनता के लिए काम कर रही है। एक तरफ पंजाब सरकार यह कह रही है कि सभी कर्मचारियों को डीए तुरंत दिया जाना चाहिए। साढ़े सात लाख कर्मचारी हैं। इसमें से साढ़े चार लाख कर्मचारी ऐसे हैं, जिन्हें पेंशन दिया जाना है। इन कर्मचारियों का अपनी दवा का खर्चा भी है, जिसे वो अपनी पेंशन से ही प्राप्त करते हैं। साढ़े तीन लाख कर्मचारी जिनके बच्चे स्कूल में पढ़ रहे हैं, उनके साथ अन्याय हो रहा है। पंजाब सरकार को इससे कोई मतलब नहीं है। यह दुखद है, लेकिन भाजपा इन सभी लोगों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है।

--आईएएनएस

एसएचके/वीसी