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सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना को कांग्रेस ने हादसा नहीं बल्कि 'सोची-समझी हत्या' बताया

सत्य

नई दिल्ली, 7 सितंबर (आईएएनएस)। कांग्रेस ने सोमवार को सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना को लेकर दिल्ली सरकार की कड़ी आलोचना की। पार्टी ने कहा कि इस घटना को महज एक हादसा नहीं माना जाना चाहिए और आरोप लगाया कि यह एक 'सोची-समझी हत्या' के बराबर है।

आईएएनएस से ​​बात करते हुए कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने घटना पर अधिकारियों की प्रतिक्रिया की आलोचना की और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई पर सवाल उठाए।

उन्होंने ​​कहा, "एक रूटीन होता है, है न? जब भी कोई इमारत गिरती है, तो तस्वीरें ली जाती हैं, नेता भाषण देते हैं, सब कुछ होता है। कुछ दिनों बाद, जब तक कोई और हादसा नहीं होता, सब कुछ रुक जाता है। वे और क्या कहेंगे, कि हम कार्रवाई नहीं करेंगे? उपराज्यपाल एफआईआर क्यों नहीं पढ़ते? इसमें म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन का कोई जिक्र नहीं है, जो इसके लिए जिम्मेदार है और पुलिस का भी कोई जिक्र नहीं है, तो न्याय कहां है?"

प्रमोद तिवारी ने उन लोगों पर लापरवाही का आरोप लगाया, जिन्होंने इमारत में छात्रों के रहने के बावजूद निर्माण कार्य जारी रखने की इजाजत दी। उन्होंने कहा, "इसे हादसा मत कहिए, यह एक सुनियोजित हत्या थी। यह एक हत्या थी। 1970 में बनी इमारत की नींव कमजोर थी, फिर भी बिना कंक्रीट स्लैब डाले ही पांचवीं मंजिल बना रहे थे। सबसे बड़ा अपराध और सबसे बड़े अपराधी वे लोग हैं, जिन्होंने इमारत में निर्माण कार्य जारी रखने की इजाजत दी जबकि वहां छात्र पेइंग गेस्ट के तौर पर रह रहे थे। यह एक सुनियोजित हत्या थी और मामला किसके खिलाफ दर्ज किया जा रहा है? मकान मालिक के खिलाफ।"

प्रमोद तिवारी ने कहा, "इस हादसे के जिम्मेदार भाजपा विधायक, सांसद, राज्य सरकार, केंद्र सरकार नगर निगम के अधिकारी भी हैं। इनकी भी जिम्मेदारी अवैध निर्माण रोकने की थी लेकिन किसी ने सुध नहीं ली। इसलिए इस हादसे का जिम्मेदार मकान मालिक नहीं बल्कि भाजपा सरकार है।"

वहीं, सत्य निकेतन हादसे की जांच के आदेश पर यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने कहा, "मजिस्ट्रेट जांच के साथ ही मृतक छात्रों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये मुआवजा और नौकरी दी जाए।"

इसके पहले अजय राय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया, "दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के निकट सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना अत्यंत दुखद और चिंताजनक है। मलबे में दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों सहित अन्य लोगों के फंसे होने की खबरों ने चिंता और बढ़ा दी है। बाबा विश्वनाथ से मेरी प्रार्थना है कि मलबे में फंसे सभी लोगों की रक्षा करें और हमारे एनएसयूआई के राहत एवं बचाव दल को उन्हें सकुशल बाहर निकालने की शक्ति और सफलता प्रदान करें। पीड़ित परिवारों को इस कठिन समय में धैर्य और संबल दें।"

--आईएएनएस

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