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सत्य निकेतन हादसा: रातभर डीयू छात्र अक्षत की तलाश करता रहा परिवार, सुबह मिली मौत की खबर

सत्य

नई दिल्ली, 7 सितंबर (आईएएनएस)। दिल्ली यूनिवर्सिटी के पीजीडीएवी कॉलेज के दूसरे साल के छात्र अक्षत सिंह यादव की सोमवार को सत्य निकेतन में एक इमारत गिरने से मौत हो गई। उनके परिवार वालों और दोस्तों ने बताया कि उसकी लाश मिलने की खबर मिलने से पहले उन्होंने उससे संपर्क करने की कोशिश में कई बेचैन घंटे बिताए।

परिवार के एक सदस्य ने पत्रकारों को बताया, "हम उससे संपर्क नहीं कर पा रहे थे। हम उसे लगातार फोन कर रहे थे, लेकिन उसका फोन नहीं लग रहा था। हम काफी देर तक बहुत बेचैन भी रहे। सुबह करीब 3 से 3:30 बजे के बीच हमें खबर मिली कि वह मिल गया है। इसलिए आज सुबह-सुबह हम यहां आए और उसकी पहचान की। वह यूपीएससी की तैयारी भी कर रहा था।"

अक्षत के नाना ने कहा, "घटना के बारे में पता चलते ही हम सत्य निकेतन पहुंच गए। जब ​​हम वहां पहुंचे, तो देखा कि पूरी इमारत गिर चुकी थी। वह पहली मंजिल पर रहता था। उसे यहां पीजी में रहते हुए लगभग एक साल हो गया था।"

उन्होंने कहा, "हां, वे उसकी लाश ले गए हैं। हम उससे संपर्क नहीं कर पा रहे थे। हम उसके फोन पर लगातार कॉल करते रहे, लेकिन संपर्क नहीं हो पाया। हम बहुत परेशान थे। हम रात करीब 2 बजे तक वहीं थे। सुबह करीब 3 से 3:30 बजे हमें पता चला कि वह मिल गया है। इसलिए हम सुबह-सुबह यहां आए।" उन्होंने बताया कि अक्षत के बारे में जानकारी का इंतजार करते हुए परिवार पूरी रात बहुत परेशान रहा।

अक्षत के दोस्त युगांक गोयल ने बताया कि उन्हें रविवार दोपहर घटना के बारे में पता चला और बाद में जानकारी मिली कि गिरी हुई इमारत के अंदर फंसे लोगों में उनके कॉलेज का एक छात्र भी शामिल है।

उन्‍होंने कहा,"मुझे इस घटना के बारे में कल दोपहर करीब 1:30 बजे पता चला। आज हम अक्षत सिंह यादव के लिए यहां आए हैं। वह हमारे कॉलेज का छात्र है। मैं अक्षत को व्यक्तिगत रूप से नहीं जानता। जब हादसा हुआ, तो मैं कॉलेज के पास ही था। हम यह देखने के लिए घटनास्थल पर गए कि क्या हुआ था और कैसे हुआ।"

उन्‍होंने बताया, "उस समय, हमारे कॉलेज प्रशासन ने हमें बताया कि हमारे कॉलेज का एक छात्र भी वहां फंसा हुआ है। अगर उसके बारे में कोई खबर मिले तो उन्हें बताएं। इस तरह प्रशासन ने हमें घटना के बारे में जानकारी दी।"

गोयल ने बताया कि घटना के पीड़ितों को एम्स अस्पताल लाए जाने की सूचना मिलने के बाद छात्र वहां पहुंचे। उन्‍होंने कहा, "आज हम एम्स अस्पताल आए क्योंकि हमें बताया गया था कि हादसे के सभी पीड़ितों को यहां लाया जा रहा है। जब हम यहां पहुंचे, तो हमें पता चला कि दुर्भाग्य से, वह अब नहीं रहा। उसकी मां ने उसके शव की पहचान की और पुष्टि की, और उसका एमएलसी नंबर भी मेल खा गया।"

एक अन्य दोस्त, आयुष्मान शर्मा ने बताया कि कॉलेज प्रशासन से सूचना मिलने के बाद छात्र घटनास्थल पर पहुंचे थे।

शर्मा ने कहा, "हमें पता चला कि हमारे कॉलेज का एक छात्र यहां है, इसलिए हम छात्रों के तौर पर कॉलेज की तरफ से यहां आए। उसका नाम अक्षत सिंह यादव है। मुझे सही समय तो याद नहीं, लेकिन जब हम सत्य निकेतन के सत्य स्क्वायर पर खड़े थे, तो हमें कॉलेज प्रशासन से एक मैसेज मिला कि हमारे कॉलेज का एक छात्र उसी पीजी में रहता था।"

कॉलेज के एक अन्य छात्र ने कहा कि अक्षत की मौत से छात्र समुदाय को गहरा सदमा लगा है।

छात्र ने कहा, "कल हमें पता चला कि हमारे कॉलेज का एक छात्र अक्षत यादव, उस पीजी में था जो ढह गया था। कल रात हमारे ग्रुप में एक मैसेज चल रहा था कि वह ठीक है। लेकिन आज सुबह हमें पता चला कि वह अब नहीं रहा।"

इस बीच आरोपी बिल्डिंग मालिक हरिराम बंसल के पड़ोसी एसके शर्मा ने बताया कि बंसल सेक्टर 23 में रहते हैं और स्थानीय बाजार में उनकी एक दुकान है। शर्मा ने कहा,"मैं सेक्टर 23 का रहने वाला हूं। बंसल भी हमारे इलाके में ही रहते हैं। मार्केट में उनकी एक दुकान है। मैं उन्हें व्यक्तिगत रूप से तो नहीं जानता, लेकिन उनकी दुकान पर जाता रहता हूं और कई बार उनसे हार्डवेयर का सामान भी खरीदा है। उनका बेटा भी दुकान पर बैठता है।"

उन्‍होंने कहा कि यहां उनके तीन-चार घर और भी हैं। मुझे कल हुई घटना के बारे में पता नहीं था। मैंने उन्हें दो-तीन दिन पहले यहाँ देखा था। वह और उनकी पत्नी यहीं रहते हैं। इस इलाके में उनकी तीन-चार प्रॉपर्टीज हैं।

--आईएएनएस

एएसएच/वीसी