नई दिल्ली, 8 सितंबर (आईएएनएस)। दिल्ली पुलिस ने उत्तर प्रदेश के कासगंज से उस लेबर कॉन्ट्रैक्टर को गिरफ्तार किया है जो सत्य निकेतन की उस दुर्भाग्यपूर्ण पीजी बिल्डिंग के बेसमेंट में मरम्मत का काम देख रहा था। साथ ही, बिल्डिंग के मालिक परिवार के तीन सदस्यों को अलग-अलग समय के लिए न्यायिक और पुलिस हिरासत में भेजा गया है।
पुलिस ने बताया कि लेबर कॉन्ट्रैक्टर सनोज को कासगंज से पकड़ा गया और पूछताछ के लिए दिल्ली लाया जा रहा है।
पुलिस ने बताया कि सानोज से शुरुआती पूछताछ में पता चला कि जिस दिन बिल्डिंग गिरी, उस दिन बेसमेंट के फर्श की मरम्मत हो रही थी क्योंकि पिछले 8-10 दिनों से बारिश के मौसम में वहां कचरा जमा हो रहा था। साथ ही, कमर्शियल मकसद से जगह बढ़ाने के लिए बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर की भी मरम्मत की जा रही थी।
इस बीच, बिल्डिंग की मालकिन 75 वर्षीय उर्मिला और उनके 81 वर्षीय रिटायर्ड पति हरिराम को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
एक अधिकारी ने बताया कि उनके बेटे महेश को दो दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया।
पुलिस ने बताया कि पूछताछ के दौरान महेश ने बताया कि वह अपने माता-पिता की ओर से बिल्डिंग के रखरखाव का काम देखता था। उन्होंने अगस्त 2025 में यह बिल्डिंग पीजी ऑपरेटर 'हॉस्टल डेज' को लीज पर दी थी।
इस बीच, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को कहा कि नगर निकाय उस जर्जर इमारत को गिराएगा जो सत्य निकेतन में गिरी उस दुर्भाग्यपूर्ण पेइंग गेस्ट (पीजी) बिल्डिंग के बगल में है।
इस असुरक्षित इमारत को गिराने की योजना के बारे में जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के निर्देश पर दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) को जनहित और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दुर्घटना स्थल के बगल में स्थित जर्जर इमारत को गिराने का आदेश दिया गया है।
सीएमओ ने आगे कहा कि इमारत के अंदर छात्रों का सामान दिल्ली फायर सर्विस के कर्मचारियों द्वारा व्यवस्थित तरीके से सुरक्षित बाहर निकाला जा रहा है। सभी छात्रों और स्थानीय निवासियों से अधिकारियों का सहयोग करने का अनुरोध किया जाता है।
यह गिराने का आदेश धौला कुआं में दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस के पास स्थित कॉलोनी में अवैध निर्माण की जांच के लिए जिम्मेदार पांच नगर निकाय अधिकारियों को सस्पेंड करने की सख्त कार्रवाई के बाद आया है।
पुलिस ने बताया कि 'हॉस्टल डेज' नाम की पांच मंजिला इमारत लड़कों के पीजी के तौर पर चल रही थी और रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे जब यह घटना हुई, तब वहां कई छात्र रह रहे थे। इस घटना में सात लोगों की मौत हो गई थी।
--आईएएनएस
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