नई दिल्ली, 7 सितंबर (आईएएनएस)। नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (एनडीआरएफ) सोमवार को दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन में गिरी इमारत वाली जगह पर खोज और बचाव अभियान चला रही है। चार टीम बारी-बारी से काम कर रही हैं ताकि मलबे में दबे लोगों का पता लगाकर उसे बचाया जा सके।
रविवार को इमारत गिरने की खबर मिलने के बाद जिला प्रशासन की मांग पर एनडीआरएफ ने तुरंत टीमें भेजी। इन टीमों के पास 'कोलैप्स्ड स्ट्रक्चर सर्च एंड रेस्क्यू', 'मेडिकल फर्स्ट रिस्पॉन्डर' उपकरण के साथ ही एक डॉग स्क्वाड भी था।
एनडीआरएफ की टीमों ने घटनास्थल पर बचाव अभियान शुरू कर दिया। इस ऑपरेशन की निगरानी दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) कर रहा है। वे एनडीआरएफ, दिल्ली पुलिस, दिल्ली फायर सर्विस (डीएफएस), म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ऑफ दिल्ली (एमसीडी) सिविल डिफेंस, स्वास्थ्य विभाग, पैरामेडिक्स और दूसरी संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।
एनडीआरएफ के इंस्पेक्टर जनरल (आईजी) नरेंद्र सिंह बुंदेला ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि इमारत गिरने के तुरंत बाद सरकारी मशीनरी हरकत में आ गई थी। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अधिकारी, जिनमें जिला मजिस्ट्रेट और एसडीएम शामिल थे, तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। दिल्ली पुलिस, दिल्ली फायर सर्विस, एनडीआरएफ, स्वास्थ्य विभाग, पैरामेडिक्स, स्थानीय निवासी और स्वयंसेवक सभी बचाव कार्यों में शामिल हुए।
बुंदेला ने कहा कि बचाव अभियान पूरा होने के लिए कोई निश्चित समय बताना मुश्किल है, लेकिन टीमों के सोमवार भर काम जारी रखने की संभावना है।
उन्होंने कहा कि अभी कोई निश्चित समय बताना मुश्किल है, लेकिन अभी ग्राउंड फ्लोर पर काफी मलबा जमा है, जिसे एजेंसियां तेजी से हटा रही हैं। इसमें आज का समय लग सकता है।
बुंदेला ने कहा कि इमारत निर्माण या संरचना के गिरने जैसी स्थितियों में, स्थिरता मुख्य चुनौती होती है। सबसे पहले अंदर फंसे पीड़ितों-जो जीवित हैं उनको सुरक्षित बाहर निकालने के लिए हमें बची हुई संरचना को स्थिर करना होगा।
उन्होंने कहा कि अस्थिर संरचना में किसी भी तरह की हलचल से और ज्यादा हिस्सा गिर सकता है या मलबा खिसक सकता है, जिससे अंदर फंसे लोगों को गंभीर या जानलेवा चोटें आ सकती हैं।
--आईएएनएस
डीकेएम/वीसी







