'सतलुज' को ओटीटी से हटाए जाने पर परमबंस सिंह रोमाना की प्रतिक्रिया, बोले-फिल्म को हर गांव तक ले जाएंगे

'सतलुज' को ओटीटी से हटाए जाने पर परमबंस सिंह रोमाना की प्रतिक्रिया, बोले-फिल्म को हर गांव तक ले जाएंगे

नई दिल्ली, 9 जुलाई (आईएएनएस)। शिरोमणि अकाली दल (एसएडी) के उपाध्यक्ष परमबंस सिंह रोमाना ने फिल्म 'सतलुज' को ओटीटी प्लेटफॉर्म से हटाए जाने को लेकर प्रतिक्रिया दी है।

परमबंस सिंह रोमाना ने कहा, "शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने 'सतलुज' फिल्म को ओटीटी प्लेटफॉर्म से हटाए जाने की घटना की पहले ही दिन निंदा की थी। इस मामले को आगे बढ़ाते हुए, श्री बादल ने आज घोषणा की कि शिरोमणि अकाली दल के कार्यकर्ता और नेता इस फिल्म को हर गांव तक ले जाएंगे और इसकी स्पेशल स्क्रीनिंग आयोजित करेंगे, ताकि लोगों को और खासकर पंजाब के युवाओं को, इतिहास में हुई घटनाओं के बारे में पता चल सके।"

उन्होंने आगे कहा कि यह फिल्म दरबार साहिब पर 1984 के हमले और दिल्ली व अन्य शहरों में हुए सिख-विरोधी दंगों के बाद के समय को दिखाती है और आरोप लगाती है कि इसके लिए कांग्रेस पार्टी जिम्मेदार थी। इसमें यह भी दिखाया गया है कि कैसे उन घटनाओं का विरोध करने वाले युवाओं को पुलिस ने उठाया, उन्हें प्रताड़ित किया, कथित फर्जी मुठभेड़ों में मार डाला और उनके शवों को पंजाब की अलग-अलग नदियों में फेंक दिया।"

फिल्म 'सतलुज' को ओटीटी से हटाए जाने पर सीनियर वकील और मानवाधिकार कार्यकर्ता राजविंदर बैंस ने बुधवार को कहा था, "जसवंत सिंह खालरा ने ये तथ्य सामने रखे थे कि आपके श्मशान घाटों में पूरे रिकॉर्ड मौजूद हैं। वहां लड़कों के नाम तक दर्ज हैं। अधिकारी इस बात से इनकार नहीं कर सके। फरवरी से सितंबर तक का समय एक तरह से खींचतान का दौर था। वे प्रेस कॉन्फ्रेंस करते थे और पुलिस उनका जवाब देती थी।

कांग्रेस नेता परगट सिंह ने बुधवार को कहा, "असली कहानियों पर बनी फिल्में लोगों को इतिहास समझने में मदद करती हैं और उन घटनाओं को भी सामने लाती हैं जहां सत्ता का गलत इस्तेमाल हुआ हो सकता है। आज की पीढ़ी को ऐसी घटनाओं के बारे में पता होना चाहिए। मेरी राय में, यह फिल्म दिखाई जानी चाहिए।

--आईएएनएस

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