नई दिल्ली, 3 अगस्त (आईएएनएस)। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए दावा किया कि राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष को बोलने का जितना मौका दिया गया है, उतना पहले कभी नहीं दिया गया। हमें सदन की गरिमा का ध्यान रखना चाहिए। कांग्रेस पार्टी संसद में अहम बिलों पर चर्चा में हिस्सा नहीं लेती है।
मीडिया से बातचीत के दौरान मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि संसद में दो बिल पास हुए। मुझे दुख है कि जहां सरकार का समर्थन करने वाले सदस्यों ने इन बिलों पर बात की, वहीं विपक्ष ने कुछ नहीं कहा और सिर्फ हंगामा किया। कांग्रेस ने अपने मुद्दों पर आंखें मूंद ली हैं और 'कॉकरोच जनता पार्टी' वाले मुद्दे को हथियाने की कोशिश कर रही है। वे आपसी कलह में उलझे हुए हैं और राजनीतिक जगह बनाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि दो अहम बिल पास हुए हैं। लोकसभा में सुप्रीम कोर्ट के जजों की संख्या बढ़ाने वाला बिल और राज्यसभा में एमएसएमई बिल पास हुआ है। विपक्ष का कोई भी सदस्य इस चर्चा में शामिल नहीं होना चाहता था। मैंने सभी से आग्रह किया और मल्लिकार्जुन खड़गे से भी कहा कि वे कांग्रेस सांसदों को समझाएं, लेकिन उनकी पार्टी में कोई ऐसा नहीं है, जो उन्हें समझा सके। कांग्रेस सांसद पूरी तरह भटक गए हैं, उन्हें समझाने वाला कोई नहीं है। कांग्रेस के पास कोई ऐसा नेता नहीं है, जो अपने सांसदों को सही रास्ता दिखा सके। हम चाहते हैं कि सभी सांसद ऐसी अहम बिलों पर अपनी बात रखें।
रिजिजू ने कहा कि हमने बार-बार उनसे चर्चा में शामिल होने का आग्रह किया, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। सबसे दुखद बात यह है कि कांग्रेस में अब कोई ऐसा नहीं बचा है, जो उसके सांसदों को समझा सके।
भाजपा सांसद मदन राठौड़ ने कहा कि विपक्ष के पास असल में कोई मुद्दा नहीं है। आज राज्यसभा में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम बिल पास हुआ। एनसीपी और दूसरी पार्टियों के सदस्यों समेत कई सदस्यों ने अपनी राय रखी। बिल तो पास हो ही गया। अगर विपक्ष चाहता, तो सुझाव दे सकता था। उसमें संशोधन भी ला सकता था। विपक्ष ने जो लिखित में संशोधन दिए, उस पर भी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि विपक्ष की सदन में रूचि नहीं है। वे सिर्फ हंगामा करना जानते हैं।
दूसरी ओर, कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे के बयान पर भाजपा सांसद दिनेश शर्मा कहते हैं, "वे भ्रष्टाचार के माहिर हैं। उन्हें छात्रों, युवाओं या रोजगार की कोई परवाह नहीं है। उनका एकमात्र काम भ्रष्टाचार है। यह एक दुर्भाग्यपूर्ण बयान है और ऐसी टिप्पणियों से बचना चाहिए।"