नई दिल्ली, 19 जून (आईएएनएस)। दिल्ली सरकार की ओर से सर्दियों में प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए अभी से ही बड़े कदम उठाए जाने लगे हैं, जिसको लेकर दिल्ली सरकार की ओर से जानकारी साझा की गई है।
सीएमओ दिल्ली की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में जानकारी दी गई कि दिल्ली सरकार ने सर्दियों में प्रदूषण नियंत्रण के लिए जून में ही प्रोडक्टिव विंटर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट फ्रेमवर्क अधिसूचित कर दिया है, ताकि नागरिकों, उद्योगों, संस्थानों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों और निर्माण एजेंसियों को नवंबर से पहले पर्याप्त तैयारी का समय मिले और दिल्लीवासियों को अनावश्यक असुविधा का सामना न करना पड़े।
सीएमओ दिल्ली की ओर से 'एक्स' पर बताया गया कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में यह व्यवस्था सामान्यतः हर वर्ष 1 नवंबर से 28 फरवरी तक ग्रैप के साथ लागू रहेगी।
सीएमओ की ओर से बताया गया कि वैध पीयूसीसी वाले वाहनों को ही पेट्रोल पंपों पर ईंधन मिलेगा। 1 नवंबर से 31 जनवरी तक दिल्ली के बाहर पंजीकृत गैर-बीएस फोर कमर्शियल वाहनों के प्रवेश पर रोक रहेगी। सीएनजी, ईवी, आपातकालीन सेवाओं और सरकारी कार्यों से जुड़े वाहनों को छूट मिलेगी। इसके साथ ही 1 नवंबर से 28 फरवरी तक अधिकृत पार्किंग स्थलों पर पार्किंग शुल्क दोगुना रहेगा।
सरकार की ओर से बताया गया कि आवश्यकता पड़ने पर कार्यालयों के समय में बदलाव और सरकारी-निजी कार्यालयों में 50 प्रतिशत तक लोगों को बुलाने की व्यवस्था लागू की जा सकेगी। वहीं, 1 नवंबर से 31 जनवरी तक निर्माण और ध्वस्तीकरण कार्यों में धूल नियंत्रण के नियमों का सख्ती से पालन करना होगा, जबकि 10 दिसंबर से 20 जनवरी के बीच आवश्यकता पड़ने पर निर्माण कार्यों पर अतिरिक्त प्रतिबंध लगाए जा सकेंगे।
इसके साथ ही बड़े निर्माण स्थलों और बड़ी बिल्डिंग्स पर एंटी-स्मॉग गन और मिस्ट सप्रेशन सिस्टम लगाना अनिवार्य होगा। खुले में कचरा या अन्य सामग्री जलाने पर सख्त निगरानी और कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए ड्रोन और फील्ड मॉनिटरिंग का उपयोग किया जाएगा। सीएमओ की ओर से आगे कहा गया कि प्रदूषण से लड़ाई का सबसे अच्छा तरीका है समय रहते तैयारी। दिल्ली सरकार इसी संकल्प के साथ सर्दियों से पहले हर जरूरी तैयारी को मिशन मोड में आगे बढ़ा रही है।
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