सीपीआई(एम) हिंसा को राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रही है: राजीव चंद्रशेखर

सीपीआई(एम) हिंसा को राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रही है: राजीव चंद्रशेखर

तिरुवनंतपुरम, 25 जून (आईएएनएस)। केरल भाजपा अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने गुरुवार को आरोप लगाया कि सीपीआई(एम) जनता का ध्यान भटकाने के लिए हिंसा की राजनीति का सहारा ले रही है।

तिरुवनंतपुरम नगर निगम में हिंसा में घायल हुए मेयर वीवी राजेश, डिप्टी मेयर जी. अशनाथ और अन्य लोगों से मिलने के बाद मेडिकल कॉलेज अस्पताल में बोलते हुए चंद्रशेखर ने कहा कि सीपीआई(एम) सुनियोजित हिंसा को राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल करने का प्रयास कर रही है।

उन्होंने कहा कि विधानसभा में मुख्यमंत्री सतीशन द्वारा प्रस्तुत श्वेत पत्र ने पिछली पिनाराई विजयन सरकार के वित्तीय कुप्रबंधन और प्रशासनिक विफलताओं को उजागर किया था, और वर्तमान घटनाक्रम इन मुद्दों से जनता का ध्यान हटाने का एक जानबूझकर किया गया प्रयास है।

चंद्रशेखर ने इन घटनाओं की तुलना कांग्रेस के नेतृत्व वाली पिछली सरकार के दौरान हुई घटनाओं से की। उन्होंने कहा कि जिस तरह विधानसभा के अंदर हिंसा भड़की थी, उसी तरह भाजपा किसी को भी महापौर कार्यालय में घुसकर हिंसा करने की इजाजत नहीं देगी।

उन्होंने कहा कि चाहे पिनाराई विजयन हों या किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी।

उन्होंने आगे जोर देकर कहा कि किसी को भी यह नहीं सोचना चाहिए कि देश की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी भाजपा को उनके द्वारा वर्णित घटिया राजनीतिक हथकंडों से डराया जा सकता है।

चंद्रशेखर के अनुसार, भाजपा ने कुछ दिन पहले ही अनुमान लगा लिया था कि सीपीआई(एम) तिरुवनंतपुरम नगर निगम में उजागर हो रहे भ्रष्टाचार के आरोपों और प्रशासनिक विफलताओं से ध्यान हटाने के लिए इस तरह के विरोध प्रदर्शन करेगी।

उन्होंने कहा कि आज जो हुआ वह उसी कहानी का दोहराव मात्र है। उन्होंने कहा कि केरल के लोगों को एक्सालॉजिक भ्रष्टाचार विवाद के विरोध में एकेजी केंद्र के बाहर प्रदर्शन करना चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि जनता का विरोध बेरोजगारी, महंगाई, आर्थिक गिरावट और सीपीआई (एम) द्वारा तिरुवनंतपुरम नगर निगम में 45 वर्षों तक सत्ता में रहने के बावजूद अपशिष्ट प्रबंधन और पेयजल संकट जैसी नागरिक समस्याओं को हल करने में विफलता के खिलाफ होना चाहिए।

चंद्रशेखर ने जोर देकर कहा कि केरल में कानून का शासन है, सीपीआई (एम) का नहीं।

उन्होंने कहा कि अदालतें, पुलिस और अन्य कानूनी संस्थाएं अपना कर्तव्य निभाएंगी। सीपीआई (एम) खुद को कानून से ऊपर नहीं रख सकती।

उन्होंने आगे दावा किया कि विधानसभा चुनावों के बाद भाजपा के नेतृत्व वाला एनडीए केरल में एक मजबूत विकल्प के रूप में उभरा है और जनता ने सीपीआई (एम) और कांग्रेस के बीच इंडिया ब्लॉक के भीतर हुए राजनीतिक समझौते को मान्यता दी है।

उन्होंने कहा कि सीपीआई (एम) की कार्रवाई तिरुवनंतपुरम नगर निगम और राज्य की राजनीति दोनों में मिली असफलताओं को लेकर उसकी हताशा को दर्शाती है।

--आईएएनएस

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