Sanjay Nishad Statement : अखिलेश यादव बिना मतलब स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के मामले को तूल दे रहे : मंत्री संजय निषाद

अविमुक्तेश्वरानंद विवाद, तुष्टिकरण और सपा पर संजय निषाद का तीखा हमला
अखिलेश यादव बिना मतलब स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के मामले को तूल दे रहे : मंत्री संजय निषाद

लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री संजय निषाद ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के विषय पर समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव की टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव बिना मतलब के अविमुक्तेश्वरानंद के मामले को तूल दे रहे हैं।

समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में संजय निषाद ने कहा, "देश संविधान से चलता है। संवैधानिक प्रक्रिया के साथ सभी को रहना पड़ता है। हर नागरिक को संविधान में अधिकार मिला है। संविधान के अनुसार ही पता चलता है कि कोई वीआईपी है और वीवीआईपी है। इस संवैधाविक व्यवस्था के तहत ही सभी को सुविधाएं मिलती हैं। धार्मिक प्रचार करना धर्मगुरुओं का काम है और राजनीति करना राजनेताओं का काम है। लेकिन जब नेता धर्म में घुस जाए या अधर्म व्यक्ति राजनीति में घुसेगा तो परेशानी आती है।"

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को प्रशासन के नोटिस पर उन्होंने कहा कि इस मामले में पुलिस की तरफ से भी बयान आ चुका है। आगे भी कोई विवाद नहीं होना चाहिए। संजय निषाद ने कहा, "मेरा यही कहना है कि साधु-संतों का किसी चीज से मोह नहीं होना चाहिए। मोह मुक्त दुनिया को ही बैराग कहा जाता है।"

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के बयान पर संजय निषाद ने कहा, "उनका दोष नहीं है, वह किसी और की दी हुई स्क्रिप्ट को पढ़ रहे हैं।"

1984 के सिख दंगों से जुड़े विकासपुरी हिंसा मामले में सज्जन कुमार को बरी किए जाने पर संजय निषाद ने कहा कि न्यायालय के हर फैसले का सम्मान किया जाता है। हालांकि, कई बार फैसलों से असंतुष्ट होने पर उन्हें ऊपरी अदालत में चुनौती दी जाती है।

इसी बीच, मंत्री संजय निषाद ने उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के 'अगर मुस्लिम साथ छोड़ दें, तो सपा प्रधानी का चुनाव तक नहीं जीत पाएगी' बयान का समर्थन किया। उन्होंने कहा, "तुष्टिकरण के कारण कांग्रेस खत्म हो चुकी है। आने वाले समय में समाजवादी पार्टी भी खत्म हो जाएगी। भविष्य में तुष्टिकरण को भी पूरी तरह खत्म होना है।"

--आईएएनएस

 

 

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