सोनम वांगचुक को हटाने पर सपा नेता आशुतोष वर्मा बोले, 20 जुलाई के प्रस्तावित प्रदर्शन से घबरा गई है सरकार

सोनम वांगचुक को हटाने पर सपा नेता आशुतोष वर्मा बोले, 20 जुलाई के प्रस्तावित प्रदर्शन से घबरा गई है सरकार

लखनऊ, 18 जुलाई (आईएएनएस)। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी), पेपर लीक, गठबंधन की राजनीति और एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक के मामले को लेकर सरकार की मंशा पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार 20 जुलाई को प्रस्तावित प्रदर्शन और जन आक्रोश से घबराई हुई है।

एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को दिल्ली के जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल ले जाए जाने पर समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "20 तारीख को सोनम वांगचुक के समर्थन में या देश के लोगों के समर्थन में जो आवाज उठने वाली है, सरकार उससे कांप रही है। इसीलिए आज उन्होंने सोनम वांगचुक को विरोध स्थल से हटा दिया और ले गए। वे नहीं चाहते कि सरकार के खिलाफ गुस्से की इतनी बड़ी लहर सड़कों पर उतरे।"

उन्होंने कहा कि आज भले ही आपने इस विरोध को रोक दिया हो, लेकिन देश के युवाओं के दिलों में जो धड़कनें हैं, देश अब आपके खिलाफ हो गया है और वे आपको सत्ता से बेदखल करने जा रहे हैं।

एसपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा कि पार्टी में लोकतंत्र होना चाहिए, लेकिन लोकतंत्र इतना भी नहीं होना चाहिए कि वह पार्टी के अस्तित्व के लिए खतरा बन जाए। आप पंजाब की बात कर रहे हैं, तो हम उत्तर प्रदेश में भी यही देख रहे हैं। उत्तर प्रदेश में कई नेता अपनी भूमिका से आगे बढ़कर दिनभर माइक पर स्वतंत्र बयान देते रहते हैं। वे गठबंधन तोड़ने और गठबंधन पर दबाव बनाने की बात करते हैं।

यूसीसी बिल पर आशुतोष वर्मा ने कहा कि यूसीसी बिल के बारे में मैं बार-बार कहना चाहता हूं कि भारतीय जनता पार्टी के 2014, 2019 और 2024 के घोषणापत्रों में इसका जिक्र किया गया है तो फिर भाजपा पूरे देश में यूसीसी लागू करने में क्यों नाकाम रही है? हम उनकी मंशा समझने की कोशिश कर रहे हैं। वे इसे सिर्फ छोटे राज्यों में क्यों लागू कर रहे हैं? वे इसे असम, गुजरात और मध्य प्रदेश में लागू कर रहे हैं, तो पूरे देश में क्यों नहीं?

देश के प्रमुख मुद्दों पर बोलते हुए सपा प्रवक्ता ने कहा कि वर्तमान समय में सबसे बड़े दो मुद्दे राम मंदिर में चोरी और प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार हो रहे पेपर लीक हैं। उन्होंने दावा किया कि पिछले दस महीनों में 100 से अधिक परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक हुए हैं, जिससे देश के युवाओं का भविष्य संकट में पड़ गया है। उनके अनुसार सरकार इन गंभीर विषयों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दे रही है और अन्य मुद्दों के जरिए जनता का ध्यान भटकाने का प्रयास किया जा रहा है।

--आईएएनएस

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