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'समर्पित सेवा के 25 साल': भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने पीएम मोदी के बदलाव लाने वाले नेतृत्व को सलाम किया

समर्पित सेवा के 25 साल

नई दिल्ली, 9 सितंबर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संवैधानिक सार्वजनिक पद पर 25 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में भाजपा ने एक महीने तक चलने वाला 'सेवा संकल्प अभियान' शुरू किया है। इस अभियान में उनकी राजनीतिक यात्रा को 'निर्णायक शासन, कल्याणकारी योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने, राष्ट्रीय सुरक्षा और भारत की महत्वाकांक्षाओं में बुनियादी बदलाव की कहानी' के तौर पर पेश किया जा रहा है।

बुधवार को भाजपा मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा कि यह कैंपेन 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा। पीएम मोदी के 25 साल के 'सेवा, सुशासन और जन कल्याण' के कामों को जमीनी स्तर तक पहुंचाने के लिए 12 कार्यक्रम तय किए गए हैं।

भाजपा का मुख्य तर्क यह है कि पीएम मोदी का रिकॉर्ड सिर्फ लंबे समय तक सत्ता में रहने का नहीं है, बल्कि बड़े पैमाने पर गवर्नेंस का है।

नितिन नवीन के अनुसार, यह बदलाव सरकार के कल्याणकारी ढांचे में दिखता है। 80 करोड़ लोगों को अनाज की मदद मिल रही है, 100 करोड़ से ज्यादा लोग सामाजिक सुरक्षा योजना से जुड़े हैं, लगभग 12 करोड़ शौचालय बनाए गए हैं, गरीबों के लिए 4 करोड़ से ज्यादा घर बनाए गए हैं और 200 करोड़ मुफ्त कोविड-19 वैक्सीन डोज दी गई है।

पार्टी का यह भी दावा है कि 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला गया है।

नवीन ने इसकी तुलना 2014 में पीएम मोदी को मिली स्थिति से की, जिसे उन्होंने पॉलिसी पैरालिसिस (नीतिगत गतिरोध) और आर्थिक अनिश्चितता का दौर बताया। भाजपा अब भारत को दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक के तौर पर पेश करती है और तर्क देती है कि गवर्नेंस धीरे-धीरे सुधार करने के बजाय मिशन-मोड में काम करने और इंफ्रास्ट्रक्चर-आधारित विकास की ओर बढ़ी है।

सुरक्षा का एक और अहम पहलू है। भाजपा का कहना है कि सरकार ने आंतरिक और बाहरी सुरक्षा को मजबूत किया है, वामपंथी उग्रवाद के प्रभाव को कम किया है और पहले प्रभावित रहे 200 से ज्यादा जिलों को सामान्य स्थिति की ओर बढ़ने में मदद की है। पार्टी भारत की बढ़ती वैश्विक पहचान की ओर भी इशारा करती है और पीएम मोदी को मिले 37 वैश्विक सम्मानों को देश के बढ़ते कद का सबूत बताती है।

गवर्नेंस की बात सिर्फ इकोनॉमी तक सीमित नहीं है। भाजपा राम मंदिर, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, सोमनाथ और महाकाल कॉरिडोर को ऐसी सरकार के उदाहरण के तौर पर पेश करती है, जो विकास और सांस्कृतिक विरासत को साथ लेकर चलती है।

पार्टी देश की आर्थिक सोच में आए बदलाव को भी दिखा रही है। मैनपावर से मैन्युफैक्चरिंग पावर की ओर, कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों से विकास में भागीदार बनने की ओर, और नौकरी खोजने वाले युवाओं से एंटरप्रेन्योर और नौकरी देने वाले बनने की ओर। स्टार्टअप, यूनिकॉर्न, डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग और स्पेस सेक्टर को बदलाव के प्रतीक के तौर पर पेश किया जा रहा है।

महिलाओं के नेतृत्व में विकास एक और अहम पहलू है। इसमें भाजपा 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' से लेकर 'लखपति दीदी' तक के सफर और 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' के जरिए ज्यादा राजनीतिक भागीदारी को बढ़ावा देने की बात करती है।

--आईएएनएस

एससीएच/एबीएम