गंगटोक, 21 जुलाई (आईएएनएस)। सिक्किम के नामची जिले में एनएचपीसी तीस्ता स्टेज 6 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग में हुए हादसे में सात लोगों की जान चली गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे में हुई मौतों पर दुख जताया। उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द ठीक होने की कामना की। प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि पीएमएनआरएफ से प्रत्येक मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपए की अनुग्रह राशि दी जाएगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट में लिखा, "सिक्किम के नामची में बन रही एक सुरंग के ढहने से हुई मौतों से दुखी हूं। मैं पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं। मैं घायलों के जल्द ठीक होने की कामना करता हूं। पीएमएनआरएफ से प्रत्येक मृतक के निकटतम परिजन को 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे।"
वहीं, उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने भी हादसे पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "सिक्किम के नामची जिले में बन रही टनल में हुए दुखद हादसे में लोगों की मौत से बहुत दुख हुआ। शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। मैं उन लोगों को हिम्मत और शक्ति देने की प्रार्थना करता हूं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है, और जो लोग फंसे हुए हैं, उनके सुरक्षित बचाव और घायलों के जल्दी ठीक होने के लिए प्रार्थना करता हूं।"
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 'एक्स' पर पोस्ट में लिखा, "सिक्किम के नामची जिले में बन रही सुरंग के पास भूस्खलन से हुई कीमती जानों के नुकसान से मुझे गहरा दुख हुआ है। मेरी संवेदनाएं उन सभी लोगों के साथ हैं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है और मेरी प्रार्थनाएं घायलों के साथ हैं। प्रभावित लोगों की मदद के लिए बचाव कार्य चल रहे हैं।"
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने 'एक्स' पर पोस्ट में लिखा, "सिक्किम में टनल ढहने की दुखद घटना से बहुत दुखी हूं। बचाव कार्यों के बारे में सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग से बात की।" उन्होंने लिखा कि पीड़ित परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। जो श्रमिक अभी भी फंसे हुए हैं, उनकी सुरक्षा और घायलों के जल्द ठीक होने की प्रार्थना करता हूं।
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने लिखा, "इस मुश्किल घड़ी में हम सिक्किम के लोगों के साथ मजबूती से खड़े हैं और राज्य सरकार के लगातार संपर्क में हैं। हर संभव मदद दी जा रही है और बचाव दल फंसे हुए लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकालने के लिए दिन-रात काम कर रहे हैं।"