नई दिल्ली, 20 जुलाई (आईएएनएस)। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रवक्ता सौरभ दास और आशुतोष रांका ने सोमवार को केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा के सामने अपनी मांगें रखीं। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य मंत्री ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि वह प्रदर्शनकारियों की मांगों पर पार्टी नेतृत्व के साथ आंतरिक रूप से चर्चा करेंगे।
दास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "दो घंटे से ज्यादा इंतजार करने के बाद आशुतोष रांका और मैंने जे.पी. नड्डा जी से उनके आवास पर 10 मिनट तक मुलाकात की। हमने उन्हें अपनी मांगों से जुड़ा एक लिखित पत्र सौंपा। उन्होंने हमें भरोसा दिलाया है कि वह इस मामले पर आंतरिक रूप से चर्चा करेंगे। हम आगे की प्रक्रिया का इंतजार कर रहे हैं। इस बीच, बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लिए जाने की खबरें सामने आ रही हैं।"
रंका ने भी एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "नड्डा ने हमारी इन मांगों पर पार्टी नेतृत्व से चर्चा करने के लिए कुछ समय मांगा है। हमारी मागों में सोनम वांगचुक की तुरंत रिहाई, धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और आत्महत्या करने वाले सभी नीट उम्मीदवारों के परिवारों को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा शामिल है।"
इससे पहले आईएएनएस से बातचीत में सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने कहा, "हमारी मांगें स्पष्ट हैं। धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए। जिन बच्चों ने आत्महत्या की है, उनके परिवारों को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाना चाहिए। इसके अलावा, सोनम वांगचुक को तुरंत रिहा किया जाना चाहिए।"
दिल्ली में सोमवार को तनाव बना रहा क्योंकि सीजेपी और उसके समर्थकों ने "संसद चलो" विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों ने नीट-यूजी पेपर लीक मामले में सरकार से जवाबदेही की मांग की।
जब प्रदर्शनकारी संसद भवन की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे थे, तो उन्हें रोकने के लिए तैनात पुलिसकर्मियों से उनका सामना हुआ। पुलिस बल वहां कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात था।
यह विरोध प्रदर्शन नीट-यूजी पेपर लीक मामले और परीक्षा से जुड़ी अन्य अनियमितताओं (जिनमें 12वीं सीबीएसई बोर्ड परीक्षा भी शामिल है) को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग के लिए किया गया। इन घटनाओं के बाद देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं की निष्पक्षता और विश्वसनीयता को लेकर चिंता बढ़ गई है।
जंतर-मंतर पर हालात तनावपूर्ण हो गए, जब पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हो गई; सुरक्षाकर्मी उन्हें बैरिकेड पार करने से रोकने की कोशिश कर रहे थे।
इस विरोध प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए नई दिल्ली जिले में कई जगहों पर बैरिकेड लगाए थे। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रदर्शनकारी विरोध स्थल पर इकट्ठा हुए और धीरे-धीरे भीड़ बढ़ती गई।
मौके की तस्वीरों में सैकड़ों छात्र और युवा प्रदर्शनकारी झंडे लेकर नारे लगाते हुए दिखाई दिए। कई प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड पार करने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिसकर्मियों ने व्यवस्था बनाए रखने के लिए उन्हें पीछे हटाया।
जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। सोमवार सुबह ही दंगा-रोधी वाहन भी प्रदर्शन स्थल पर पहुंच गया था। प्रदर्शनकारियों की संसद की ओर मार्च करने की योजना को देखते हुए अधिकारियों ने इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी थी और कुछ पाबंदियां भी लगाई थीं।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को सुरक्षा बैरिकेड पार करने से रोकने के लिए बल का इस्तेमाल किया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई और लाठीचार्ज किए जाने की भी खबर सामने आई।
सुरक्षाकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को प्रतिबंधित इलाकों में जाने से रोकने की कोशिश की, जिसके कारण स्थिति तनावपूर्ण बनी रही।
पुलिस ने प्रदर्शन स्थल और उसके आसपास सिग्नल जैमर भी लगाए थे। कुछ प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि कार्यक्रम स्थल के पास मोबाइल फोन नेटवर्क की कनेक्टिविटी प्रभावित हुई।
--आईएएनएस
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