बडगाम, 29 जून (आईएएनएस)। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने सोमवार को जम्मू-कश्मीर के बडगाम जिले में बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) से बातचीत की। उन्होंने उन्हें लोकतंत्र की रीढ़ बताया और मतदाताओं को लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में हिस्सा लेते रहने के लिए प्रोत्साहित किया।
सीईसी ने बीएलओ की लगन और कड़ी मेहनत की तारीफ की और कहा कि बीएलओ सच में हमारी चुनावी प्रक्रिया की रीढ़ हैं।ज्ञानेश कुमार जमीनी स्तर पर फीडबैक लेने, चुनावी जागरूकता बढ़ाने और चुनाव मैनेजमेंट में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए जम्मू-कश्मीर के दौरे पर हैं।
सोमवार को मीडिया से बात करते हुए सीईसी ज्ञानेश कुमार ने कहा कि मैं जम्मू-कश्मीर के वोटरों से लोकतंत्र में हिस्सा लेने की अपील करना चाहता हूं। हमने बडगाम में बूथ लेवल ऑफिसर्स (बीएलओ) से बातचीत की है, जो लोकतंत्र के स्तंभ हैं।
उन्होंने कहा कि हमने दुनिया के सबसे पारदर्शी चुनावों के अहम पहलू, यानी वोटर लिस्ट से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की। साथ ही उन चुनावों और वोटों की गिनती पर भी बात की जिनकी राजनीतिक पार्टियों और उम्मीदवारों द्वारा साथ-साथ ऑडिटिंग की जाती है।
केंद्र शासित प्रदेश के अपने तीन दिन के दौरे के दूसरे दिन सीईसी ने कहा कि मैं सभी बीएलओ के काम की तारीफ करना चाहता हूं।
इस दौरे के दौरान, सीईसी ज्ञानेश कुमार घाटी में कई कार्यक्रमों में हिस्सा ले रहे हैं, जिनका मकसद वोटरों और बडगाम जिले में बूथ लेवल ऑफिसर्स (बीएलओ) से जुड़ना, चुनावी स्टेक होल्डर्स से मिलना और जमीनी स्तर पर चुनाव मशीनरी का जायजा लेना है।
उन्होंने जमीनी स्तर पर चल रही कई चुनावी पहलों की समीक्षा भी की।
इससे पहले रविवार को, शेख-उल-आलम इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पहुंचने पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी संजीव वर्मा, बडगाम के डिप्टी कमिश्नर अतहर आमिर खान और प्रशासन व चुनाव विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने सीईसी का स्वागत किया।
एक बयान में कहा गया है कि यह दौरा भारत निर्वाचन आयोग की उन लगातार कोशिशों का हिस्सा है जिनका मकसद वोटरों और चुनावी स्टेकहोल्डर्स के साथ जुड़ाव को मजबूत करना, जमीनी स्तर पर तैयारी को बेहतर बनाना और लोकतांत्रिक भागीदारी व चुनावी जागरूकता को और बढ़ावा देना है।
ज्ञानेश कुमार ने 19 फरवरी को भारत के 26वें मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) के तौर पर पदभार संभाला। इस शीर्ष पद का कार्यभार संभालने से पहले, वह 15 मार्च 2024 से निर्वाचन आयुक्त के तौर पर काम कर रहे थे।
--आईएएनएस
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