पटना, 16 जून (आईएएनएस)। जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा ने सहयोग शिविर को सराहनीय कदम बताया। उन्होंने पटना में चल रहे कोचिंग विवाद पर भी प्रतिक्रिया दी। साथ ही, प्रधानमंत्री मोदी के 12 साल पूरे होने को ऐतिहासिक बताया।
उन्होंने बुधवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि इस तरह के शिविर से आम लोगों की समस्याओं का निदान मौके पर ही किया जाएगा, ताकि उन्हें किसी भी प्रकार की समस्या नहीं हो। खास बात यह है कि इस तरह के शिविर को लेकर लोगों में एक खास उत्साह देखने को मिल रहा है, जिसे निश्चित तौर पर शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता है। इस शिविर के संबंध में सीएम कार्यालय की ओर से साफ निर्देश दिया गया है कि लोगों की समस्याओं का समाधान मौके पर ही कर दिया जाएगा। इसे लेकर किसी भी प्रकार की हीलाहवाली स्वीकार नहीं की जाएगी।
उनके मुताबिक, इससे पहले इसी तरह की पहल तत्कालीन सीएम नीतीश कुमार की ओर से भी शुरू की गई थी। उन्होंने तो बाकायदा एक टैगलाइन दी थी कि जनता के दरबार में सीएम। इस तरह के अभियान के जरिए यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया था कि लोगों को किसी भी प्रकार की समस्या नहीं हो। इसी दौरान जब दशरथ माझी आए थे, तो सीएम साहब ने उन्हें कुर्सी पर बैठाकर उनकी समस्या सुनी थी।
संजय झा ने पटना में चल रहे कोचिंग विवाद पर सख्त रुख अख्तियार करते हुए कहा कि यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। जिन लोगों ने भी इस विवाद को जन्म दिया है, उसे चिन्हित करके उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। हमारी सरकार इसे लेकर पूरी तरह गंभीर है। इसके इतर, हमें जानकारी मिली है कि प्रिंस यादव की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उस परिवार के प्रति हमारी संवेदना है। मैं एक बात साफ कर देना चाहता हूं कि सबकुछ दूध का दूध और पानी का पानी होगा, जिन लोगों ने भी गलत किया है, उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
उन्होंने बताया कि हम लोगों ने भी कोचिंग संस्थानों में पढ़ाई की है। कोचिंग संस्थानों का नाम सुनते ही हम लोग शिक्षा की बात करते हैं। आखिर अब ये कैसे कोचिंग संस्थान आ चुके हैं, जहां पर बमबारी तक बात हो रही है। पहले लोग शिक्षक को किस तरह से सम्मान से देखे करते थे। जितना आदर लोग अपने माता पिता को करते थे, उससे कहीं ज्यादा सम्मान लोग टीचर को किया करते थे।
साथ ही, उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के 12 साल पूरे होने के मौके पर भी प्रतिक्रिया दी। उनके मुताबिक, प्रधानमंत्री के शासनकाल में विश्व मंच पर भारत का मान सम्मान बढ़ा है। आज की तारीख में पूरी दुनिया में हिंदुस्तान की इज्जत बढ़ी है। इसे लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सराहा जाना चाहिए।
वहीं, उन्होंने अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध समाप्त होने को स्वाग्तयोग्य कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह बहुत ही अच्छा कदम है कि अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध समाप्त हो चुका है, क्योंकि इन दोनों देशों के बीच चल रहे युद्ध की वजह से आम लोगों को खासा परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। खासकर तेल और ऊर्जा कीमतों में उछाल देखने को मिल रही थी। ऐसी स्थिति में अमेरिका और ईरान के बीच में युद्ध समाप्त होने की स्थिति एक अच्छे कदम के रूप में रेखांकित किया जा सकता है। इस बात में किसी को कोई शक नहीं होना चाहिए। अब दोनों देशों के बीच शांति स्थापित हो चुकी है। हमें विश्वास है कि यह एक स्थायी शांति है।
साथ ही, उन्होंने अध्यक्ष संजय झा ने बताया कि आगामी 21 जून को जदयू की राष्ट्रीय कार्यकारणी की बैठक होने जा रही है। इस बैठक में सभी नेता शामिल होंगे। इस बैठक में नीतीश कुमार को फिर से राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। उनके नेतृत्व में जिस तरह का जनादेश मिला है, वो सच में स्वाग्तयोग्य है।
उन्होंने स्टेट ऑफ होर्मुज के खुलने का भी स्वागत किया। उनके मुताबिक, यह एक अच्छा कदम है। इससे आवागमन का सिलसिला तेज होगा। ऊर्जा और गैस की 85 फीसद मात्रा वहीं से आती है। इस मार्ग के खुलने से दुनिया राहत की सांस ले रही है। हालांकि, इस दौरान कई लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा। उनके प्रति हमारी संवेदना है।
वहीं, जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा ने नीट पेपर लीक को लेकर भी अपनी बात रखी। उनके मुताबिक, नीट पेपर लीक दुर्भाग्यपूर्ण है। लेकिन, हमारी सरकार त्वरित कार्रवाई की है। अब पूरी प्रक्रिया की निगरानी का जा रही है, ताकि फिर से परीक्षा के दौरान किसी भी अनैतिक गतिविधियां देखने को नहीं मिले। उधर, अगर राहुल गांधी की बात करें, तो वे लगातार आपदा में अवसर तलाशने की कोशिश करते हैं। लेकिन, इससे कुछ भी प्राप्त होने वाला नहीं है। हम सभी लोगों ने देखा है कि कैसे उन्होंने एसआईआर को मुद्दा बनाकर पूरे बिहार में यात्रा निकाली थी। लेकिन, इससे उन्हें क्या लाभ हुआ। हम सभी जानते हैं। अब राहुल गांधी नीट पेपर लीक की बात कर रहे हैं। ये जरा अपने शासनकाल की बात करें कि इन लोगों के समय में कितने पेपर लीक हुआ करते थे। लेकिन, हमने कभी इन लोगों की तरह खुद की गलतियों को छुपाने की कोशिश नहीं की, बल्कि उसे स्वीकार किया और उसे ठीक कर रहे हैं, ताकि उन्हें कोई दिक्कत नहीं हो।
--आईएएनएस
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