सागर, 15 सितंबर (आईएएनएस)। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सदस्य प्रियांक कानूनगो ने मंगलवार को कहा कि मध्य प्रदेश के सागर में नकली शराब कांड में सात लोगों की मौत का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। उन्होंने घटना में हुई मौतों के बारे में स्पष्टता की मांग की।
कानूनगो ने सागर जिले का दौरा किया और पीड़ितों के परिवारों से मुलाकात की।
बाद में उन्होंने घटना, जांच और राहत उपायों के बारे में जानकारी जुटाने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस के साथ बैठक भी की।
कानूनगो ने घटना को 'दुर्भाग्यपूर्ण' बताया और कहा कि जांच कानूनी प्रक्रिया के अनुसार होनी चाहिए।
उन्होंने लोगों से इस त्रासदी का राजनीतिकरण न करने की अपील की ताकि प्रभावित परिवारों को सहायता मिल सके और दोषियों को सजा मिल सके।
कानूनगो ने कहा कि सागर जिला प्रशासन ने बताया है कि डॉक्टरों ने अभी तक यह पुष्टि नहीं की है कि इन सात लोगों की मौत शराब के सेवन से हुई है या नहीं।
उन्होंने बताया कि मृतकों के सातों परिवारों को सरकार की ओर से 2 लाख रुपए की सहायता राशि दी जाएगी।
सागर में पत्रकारों से बात करते हुए राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग (एनएचआरसी) के सदस्य कानूनगो ने कहा कि जिन लोगों की मृत्यु का स्पष्ट संबंध नकली शराब के सेवन से है, उनके परिवारों को 4 लाख रुपए दिए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि एनएचआरसी प्रशासन से आग्रह करेगा कि स्वीकृत मुआवजा अगले दो दिनों के भीतर प्रभावित परिवारों तक पहुंच जाए।
उन्होंने बताया कि पीड़ित परिवारों से बातचीत के दौरान उन्हें पता चला कि लोग चल रही जांच से पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं।
कानूनगो ने कहा कि परिवारों ने शिकायत की है कि बड़े शराब माफिया से जुड़े आपूर्तिकर्ताओं के नाम उनके बयानों में शामिल नहीं किए गए हैं और कोई कार्रवाई नहीं की गई है। हमने पुलिस से ऐसे व्यक्तियों की पहचान करने और उनके खिलाफ कार्रवाई करने का भी आग्रह किया है।
एनएचआरसी सदस्य ने कहा कि कुछ परिवारों ने यह भी आरोप लगाया है कि विभिन्न गांवों में शराब बेचने में शामिल कई एजेंट मामले में गिरफ्तारी के बावजूद अभी भी फरार हैं।
यह घटना इस महीने की शुरुआत में तब सामने आई जब सागर जिले के बांदा-शाहगढ़ क्षेत्र के गांवों में नकली शराब के संदिग्ध सेवन से कई लोग बीमार पड़ गए।
कई लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, और बाद में कुछ लोगों की मौत भी हुई।
मृतकों की संख्या को लेकर विवाद बना हुआ है, जांच के दौरान अलग-अलग आंकड़े सामने आए हैं।
पुलिस ने अब तक इस मामले में 33 आरोपियों की पहचान की है और उनमें से 18 को गिरफ्तार कर लिया है।
जांच अवैध शराब की आपूर्ति और वितरण में शामिल संदिग्ध नेटवर्क पर केंद्रित है।
--आईएएनएस
एमएस/







