सूफी फाउंडेशन ने ओवैसी पर साधा निशाना, मुस्लिम भावनाएं भड़काने की राजनीति का आरोप

सूफी फाउंडेशन ने ओवैसी पर साधा निशाना, मुस्लिम भावनाएं भड़काने की राजनीति का आरोप

मुरादाबाद, 12 जून (आईएएनएस)। भारतीय सूफी फाउंडेशन की नेशनल प्रेसिडेंट कशिश वारसी ने एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के बहराइच दौरे का विरोध करते हुए उन पर धार्मिक भावनाएं भड़काने का आरोप लगाया है।

कशिश वारसी ने कहा कि असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी लंबे समय से मुस्लिम भावनाओं को भड़काकर राजनीति कर रही है और इसी आधार पर वोट हासिल करने का प्रयास करती है। ओवैसी खुद को मुस्लिमों का हमदर्द बताते हैं, लेकिन वास्तव में यह केवल राजनीतिक रणनीति है।

कशिश वारसी ने कहा कि यदि ओवैसी को उत्तर प्रदेश में किसी धार्मिक स्थान से अपनी गतिविधि शुरू करनी थी, तो उन्हें देवा शरीफ या मदार तुल औलिया जैसे स्थलों से शुरुआत करनी चाहिए थी, क्योंकि ये आस्था और मोहब्बत के प्रतीक हैं। उत्तर प्रदेश के सीएम योगी भी देवा शरीफ की तारीफ कर चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ओवैसी जानबूझकर विवादित मुद्दों और संवेदनशील स्थलों को चुनकर राजनीति करते हैं, जिससे समाज में तनाव पैदा होता है।

उन्होंने यह भी कहा कि कुछ राजनीतिक गतिविधियां धार्मिक भावनाओं को भड़काने और नफरत फैलाने का माध्यम बन जाती हैं। उनके अनुसार, उत्तर प्रदेश का मुस्लिम समाज अब इस तरह की राजनीति को समझने लगा है और आने वाले समय में इसका समर्थन नहीं करेगा।

वहीं, जिम ट्रेनरों के लिए पुलिस वेरिफिकेशन और पहचान पत्र अनिवार्य करने के आदेश पर उन्होंने कहा कि यह एक सही और समयानुकूल फैसला है। कोई भी व्यक्ति अपनी पहचान छुपाकर कोई काम या व्यवसाय नहीं कर सकता।

उन्होंने कहा कि ऐसे कदम सुरक्षा की दृष्टि से जरूरी हैं, क्योंकि यदि कोई आपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति जिम ट्रेनर बन जाए तो यह खतरनाक हो सकता है। इसलिए चरित्र सत्यापन और पुलिस वेरिफिकेशन आवश्यक है।

कशिश वारसी ने यह भी कहा कि पहचान पत्र को गले में पहनने में कोई समस्या नहीं है, क्योंकि कई संस्थानों में यह पहले से ही लागू है। इस फैसले का समर्थन और स्वागत किया जाना चाहिए।

--आईएएनएस

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