सीएम चंद्रबाबू नायडू ने पोलावरम प्रोजेक्ट का किया हवाई निरीक्षण, निर्माण कार्यों की समीक्षा की

सीएम चंद्रबाबू नायडू ने पोलावरम प्रोजेक्ट का किया हवाई निरीक्षण, निर्माण कार्यों की समीक्षा की

एलुरु, 13 जुलाई (आईएएनएस)। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने सोमवार को एलुरु जिले में स्थित महत्वाकांक्षी पोलावरम सिंचाई परियोजना का दौरा कर निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने हेलीकॉप्टर से परियोजना क्षेत्र का हवाई निरीक्षण किया और विभिन्न महत्वपूर्ण हिस्सों में चल रहे कार्यों की समीक्षा की।

सीएम चंद्रबाबू नायडू ने स्पिलवे से होकर बह रहे गोदावरी नदी के बाढ़ के पानी का निरीक्षण किया। इसके अलावा उन्होंने अपस्ट्रीम और डाउनस्ट्रीम कॉफरडैम के बीच चल रहे निर्माण कार्यों का भी हवाई सर्वेक्षण किया। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को परियोजना की मौजूदा स्थिति और निर्माण की प्रगति के बारे में जानकारी दी।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने पोलावरम परियोजना के अर्थ- कम-रॉक फिल (ईसीआरएफ) डैम के गैप-1 और गैप-2 में चल रहे कार्यों की समीक्षा की। इसके साथ ही उन्होंने हाइड्रोपावर जनरेशन स्टेशन के निर्माण कार्यों का भी जायजा लिया। पोलावरम परियोजना को राज्य की प्रमुख सिंचाई और जल प्रबंधन योजनाओं में शामिल किया जाता है, जिसके पूरा होने से कृषि और जल आपूर्ति व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री के साथ राज्य के जल संसाधन मंत्री निम्मला रामा नायडू और जल संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने परियोजना से जुड़े तकनीकी पहलुओं, निर्माण की समयसीमा और आगे की कार्ययोजना पर मुख्यमंत्री को विस्तृत जानकारी दी।

मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने हाई-लेवल समीक्षा बैठक के दौरान परियोजना के अहम हिस्सों पर चर्चा की। बैठक में जल संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा एमईआईएल ग्रुप के प्रोजेक्ट्स डायरेक्टर (हेवी इंजीनियरिंग) सीएच. सुब्बैया और अन्य जनप्रतिनिधि भी शामिल हुए।

मुख्यमंत्री ने परियोजना में हो रही प्रगति पर संतोष व्यक्त किया और कहा कि पोलावरम जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने निर्माण कार्यों में जुटे अधिकारियों, इंजीनियरों और संबंधित एजेंसियों के सामूहिक प्रयासों की सराहना की।

पोलावरम परियोजना आंध्र प्रदेश की प्रमुख बहुउद्देश्यीय परियोजनाओं में से एक है। सरकार का कहना है कि इसके पूरा होने से सिंचाई क्षमता बढ़ाने, पेयजल उपलब्धता सुधारने और राज्य के विकास को गति देने में मदद मिलेगी।

--आईएएनएस

एससीएच/डीकेपी