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सचिन पायलट को पंजाब प्रभारी बनाने पर भाजपा का तंज, बोली-कांग्रेस खेल रही म्यूजिकल चेयर का खेल

सचिन

नई दिल्ली, 6 सितंबर (आईएएनएस)। कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की जगह सचिन पायलट को पंजाब का नया प्रभारी नियुक्त किया है। बघेल को असम के लिए ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) का महासचिव प्रभारी नियुक्त किया गया है। इस पर भाजपा ने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी म्यूजिकल चेयर का खेल बहुत अच्छी तरह से खेलना जानती है।

आईएएनएस से ​​बात करते हुए भाजपा नेता रोहन गुप्ता ने कहा कि कांग्रेस 'म्यूजिकल चेयर' का खेल बहुत अच्छी तरह जानती है। नेताओं को बदलने, उनकी सीटें बदलने या जगह बदलने से कुछ हासिल नहीं होगा। कांग्रेस पार्टी को अपनी नीतियों और इरादों को बदलने की जरूरत है। उन चार राज्यों की हालत देखिए जहां लोगों ने कांग्रेस को मौका दिया था।

कांग्रेस शासित राज्यों की हालत का जिक्र करते हुए गुप्ता ने कहा कि कांग्रेस का मतलब भ्रष्टाचार। कर्नाटक, तेलंगाना, केरल या हिमाचल प्रदेश को देखिए। हिमाचल में सरकार को चार साल हो गए हैं और 1 लाख सरकारी नौकरियों का वादा अभी सिर्फ कागजों पर ही है। जनता उन पर कैसे भरोसा कर सकती है।

भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि इससे साफ पता चलता है कि या तो कांग्रेस के भीतर सब कुछ ठीक नहीं है या असल में कुछ भी ठीक नहीं है, क्योंकि जब तक वह 'एक परिवार की राजनीति' जारी रखेगी, पार्टी का भविष्य अंधकारमय है। इसीलिए कांग्रेस हर चुनाव हारती जा रही है।

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कांग्रेस के इस कदम की तुलना अंग्रेजों की नीति से की।

मीडिया से बात करते हुए सीएम साय ने कहा कि जैसे अंग्रेज 'फूट डालो और राज करो' की नीति अपनाते थे, वैसे ही ये भी वही नीति अपनाते हैं। वे जहां भी जाते हैं, गुटबाजी करते हैं। भूपेश बघेल पंजाब के प्रभारी थे, जहां उन्हें विरोध का सामना करना पड़ा। वहां 'वापस जाओ' के पोस्टर लगाए गए थे। शायद यही वजह है कि उनकी जिम्मेदारी बदल दी गई है।

पंजाब के मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने सचिन पायलट की नियुक्ति पर तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस चाहे कितने भी पायलट ले आए, पंजाब में पूरी कांग्रेस टीम कमजोर हो चुकी है, और वे कोई असर नहीं डाल पाएंगे।

हालांकि, कांग्रेस नेताओं ने संगठनात्मक फेरबदल का स्वागत किया और सचिन पायलट के नेतृत्व पर भरोसा जताया।

कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला ने ​​कहा कि राजनीतिक पार्टियों में मतभेद तो होते ही हैं, लेकिन जब कोई नया नेता जिम्मेदारी संभालता है, तो अक्सर ऐसे मतभेद खत्म हो जाते हैं। हमें उम्मीद है कि इस मामले में भी ऐसा ही होगा। सचिन पायलट एक अनुभवी और युवा नेता हैं। वह 'जेन जी' पीढ़ी को अपनी ओर आकर्षित कर पाएंगे, जो आजकल राज्य की राजनीति में एक नई ताकत के तौर पर उभर रही है। हमें उम्मीद है कि अपने अनुभव से वह पंजाब में पार्टी संगठन को मजबूत करेंगे।

उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि सचिन पायलट जमीनी स्तर के नेता हैं। वह शुरू से ही लोगों से जुड़े रहे हैं और हर बात को समझते हैं।

कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि पार्टी में समय-समय पर ऐसे संगठनात्मक बदलाव होते रहते हैं, चूंकि पंजाब राजस्थान से सटा हुआ है, इसलिए पायलट को यहां लाया गया है ताकि वह ज्यादा असरदार ढंग से काम कर सकें। जहां तक छत्तीसगढ़ के हमारे पूर्व मुख्यमंत्री (भूपेश बघेल) की बात है, तो उन्हें असम की जिम्मेदारी दी गई है। वह भी एक अहम राज्य है।

--आईएएनएस

डीकेएम/वीसी