नई दिल्ली, 6 सितंबर (आईएएनएस)। सीबीआई ने 'ऑपरेशन चक्र-6' के तहत डिजिटल अरेस्ट अपराधों के खिलाफ देशव्यापी कार्रवाई को आगे बढ़ाया है। इस क्रम में सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (सीबीआई) ने धोखाधड़ी से कमाए गए करोड़ों रुपए लेने, उनकी लेयरिंग (मनी लॉन्ड्रिंग के लिए कई खातों में घुमाना) और उन्हें इधर-उधर बांटने में शामिल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया।
अधिकारी ने एक बयान में कहा कि ये नई गिरफ्तारियां राजस्थान, गुजरात और कर्नाटक में सामने आए डिजिटल अरेस्ट के तीन बड़े मामलों में देश भर के 20 राज्यों में 89 जगहों पर हाल ही में की गई समन्वित छापेमारी के बाद की गई हैं।
सीबीआई ने कहा कि इन गिरफ्तारियों के साथ ही इन मामलों में पकड़े गए लोगों की कुल संख्या आठ हो गई है। साथ ही, इस बड़े नेटवर्क में शामिल बाकी आरोपियों का पता लगाने और उन्हें पकड़ने की कोशिशें जारी हैं।
सीबीआई ने बताया कि पांच आरोपियों की पहचान संकेत बस्तवार, पंकज दमाडे, आरिफ उर्फ किंग भाई, हरीश पुरुषोत्तम यादव उर्फ हैरी और शशांक सिंह उर्फ रवि के तौर पर की गई है।
केंद्रीय एजेंसी ने आगे बताया कि मध्य प्रदेश के इटारसी के रहने वाले संकेत बस्तवार और पंकज दमाडे ने धोखे से एक बैंक खाता हासिल किया, उसमें 'डिजिटल अरेस्ट' से मिली रकम जमा की और पैसे के रास्ते को छिपाने के लिए उसे इधर-उधर बांटने में सक्रिय रूप से शामिल रहे।
सीबीआई ने कहा कि आरिफ उर्फ किंग भाई, हरीश पुरुषोत्तम यादव उर्फ हैरी (नई दिल्ली) और शशांक सिंह उर्फ रवि (उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद) उस बैंक अकाउंट का इंतजाम करने में शामिल थे, जिसका इस्तेमाल 'डिजिटल अरेस्ट' के शिकार व्यक्ति से पैसे लेने और फिर उसे कई अकाउंट्स में घुमाने के लिए किया गया था।
सीबीआई ने आगे बताया कि आरिफ, हरीश और शशांक ने अकाउंट होल्डर के मोबाइल फोन पर एक खतरनाक एपीके फाइल भी इंस्टॉल की थी, जिसके जरिए वे बैंक के एसएमएस अलर्ट को इंटरसेप्ट करके चुपके से अकाउंट ऑपरेट करते थे।
एजेंसी ने कहा कि अब जांच से उस बड़े संगठित नेटवर्क का पता चल रहा है जिसका ये लोग हिस्सा थे और यह भी पता चल रहा है कि नेटवर्क ने पैसे का पूरा लेन-देन कैसे किया।
इससे पहले सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों पर अमल करते हुए देश भर के 20 राज्यों में 89 जगहों पर एक साथ छापेमारी करके 'डिजिटल अरेस्ट' की समस्या के पीछे के सिंडिकेट्स के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाया था।
सुप्रीम कोर्ट ने इन अपराधों के तेजी से बढ़ते दायरे का गंभीरता से संज्ञान लिया था और सीबीआई को निर्देश दिया था कि वह दोषियों और ऐसे अपराधों में मदद करने वाले बड़े नेटवर्क के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे।
--आईएएनएस
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