रांची, 10 सितंबर (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के बयान, "राहुल गांधी विदेशी संस्कृति में पले-बढ़े हैं, इसलिए 'वंदे मातरम' के महत्व को कभी नहीं समझ सकते" पर कांग्रेस के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
उन्होंने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "वंदे मातरम के विषय में हमें कौन बता रहा है, नितिन नवीन, जिनके पूर्वज अंग्रेजों से 60 रुपए पेंशन पाया करते थे। जिनके पूर्वज अंग्रेजों से मुखबिरी करके स्वतंत्रता आंदोलन में शामिल सेनानियों को गिरफ्तार करवाते थे, वह हमें वंदे मातरम का पाठ पढ़ाएंगे। जिसने 10 बार माफी मांगी है, उसके वंशज हमें राष्ट्रभक्ति और देशभक्ति का पाठ पढ़ाएंगे।"
उन्होंने चुनौती देते हुए कहा, "बिना गूगल देखे, बिना कागज पढ़े नितिन नवीन वंदे मातरम का दो स्टैंजा भी गा के दिखाएं। दो स्टैंजा नितिन नवीन नहीं गा सकते और यह हमें वंदे मातरम पर पाठ पढ़ाएंगे, राष्ट्रभक्ति सिखाएंगे। भारतीय जनता पार्टी में वही व्यक्ति बड़े पद पर जाता है जो अनर्गल बयान देता है और गलत शब्दों का प्रयोग करता है।"
उन्होंने कहा, "वंदे मातरम पर चर्चा व्यर्थ हो रही है। देश की अर्थव्यवस्था पूरी तरह से खत्म हो गई है, महंगाई चरम पर है और बेरोजगारी पराकाष्ठा पार कर चुकी है। कोई हमें, कांग्रेस को देशभक्ति नहीं सिखा सकता क्योंकि देश की आजादी में कांग्रेस के नेताओं का, कांग्रेस के पूर्वजों का खून शामिल है। हमने अपना खून बहाकर आजादी दिलाई है, हमारे कई नेता अपने सीने पर गोलियां खाए हैं तो हमें कोई देशभक्ति का पाठ पढ़ाए, यह हमें भी कबूल नहीं।"
जादवपुर विश्वविद्यालय में विवादित नारों और जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग पर उन्होंने कहा, "आप क्यों नहीं कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा दे रहे हो। भारतीय जनता पार्टी के मेनिफेस्टो में था कि हम कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा देंगे तो दर्जा क्यों नहीं दिया अभी तक। लोग डिमांड तो करेंगे ही।"
14वीं जेपीएससी परीक्षा धांधली मामले में सीआईडी की रिपोर्ट के मुताबिक, परीक्षा में पास कराने के नाम पर सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों से 1 करोड़ और एससी-एसटी वर्ग के अभ्यर्थियों से 80 लाख रुपए तक की डील की जा रही थी। इस पर कांग्रेस मीडिया प्रभारी ने कहा कि सीआईडी पूरी तरह निष्पक्ष और निर्भीक होकर जांच कर रही है।
उन्होंने कहा, "सीआईडी पूरी तरह निष्पक्ष और निर्भीक होकर जेपीएससी के मामले में जांच कर रही है और सीआईडी को जो भी साक्ष्य प्राप्त हो रहे हैं, वह साक्ष्य सीआईडी के पास है और बिल्कुल उन साक्ष्यों में जो भी व्यक्ति दोषी होंगे, उनके ऊपर कार्रवाई होगी, किसी सूरत में दोषी व्यक्ति बख्शे नहीं जाएंगे।"
एमएमडीआर बिल को लेकर उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक राजनीतिक मुद्दा नहीं है बल्कि यह झारखंड की अस्मिता का सवाल है। जमीन हमारा, लोग हमारे, विस्थापन हमारा और इसका टैक्स दिल्ली को। हम अपनी जमीन पर किसी सूरत में दिल्ली का कब्जा नहीं होने देंगे और इसके लिए कांग्रेस ने भी पूरी तरह से आंदोलन की रूपरेखा तैयार की है, झामुमो ने भी किया है और सरकार बहुत जल्द कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाने जा रही है।"
-- आईएएनएस
पीआईएम/एबीएम







