राष्ट्रीय सुरक्षा की आवाज दबाने की साजिश, बेंगलुरु डॉक्टर के एफआईआर पर भड़के कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष

राष्ट्रीय सुरक्षा की आवाज दबाने की साजिश, बेंगलुरु डॉक्टर के एफआईआर पर भड़के कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष

शिवमोग्गा, 29 जुलाई (आईएएनएस)। कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष और विधायक बीवाई विजयेंद्र ने बुधवार को बेंगलुरु के डॉक्टर टी. नागेंद्र के खिलाफ एफआईआर दर्ज किए जाने की कड़ी निंदा की। डॉक्टर नागेंद्र ने कथित तौर पर अवैध रूप से आए बांग्लादेशी प्रवासियों को लेकर चिंता जताई थी और उन पर इन्हीं लोगों द्वारा मारपीट का आरोप भी लगाया गया था।

गौरतलब है कि हाई कोर्ट ने बेंगलुरु शहर की बेलंदूर और वर्तुर पुलिस की कड़ी आलोचना की।

पुलिस पर आरोप है कि उन्होंने कथित अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों की शिकायत पर बिना कोई शुरुआती जांच किए ही नागेंद्र के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली थी।

जानकारी के मुताबिक, नागेंद्र ने पुलिस को इलाके में संदिग्ध अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों की मौजूदगी के बारे में जानकारी दी थी। इसके बाद, उन कथित प्रवासियों ने उन पर मारपीट का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई।

विजयेंद्र ने राज्य सरकार पर राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर बोलने वाले लोगों को निशाना बनाने का आरोप लगाया।

शिवमोग्गा में मीडिया से बात करते हुए, विजयेंद्र ने सरकार के इरादों पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामले में आवाज उठाने वाले व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करना देशद्रोही मानसिकता को दर्शाता है।

विजयेंद्र ने राज्य सरकार पर अल्पसंख्यकों को खुश करने और सार्वजनिक मुद्दों पर बोलने वाले कार्यकर्ताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं को दबाने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया।

विजयेंद्र ने कहा कि नागेंद्र के खिलाफ मामला दर्ज करके राज्य सरकार बहुत निचले स्तर पर उतर आई है और पूछा कि सरकार ऐसी कार्रवाइयों से किसे खुश करने की कोशिश कर रही है।

अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को चुनौती देते हुए, डॉ. नागेंद्र ने इसे रद्द कराने के लिए कर्नाटक हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। यह याचिका जस्टिस एम. नागप्रसन्ना की बेंच के सामने सुनवाई के लिए आई।

पुलिस के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताते हुए, हाई कोर्ट ने सवाल किया कि सिर्फ उन लोगों की शिकायत के आधार पर एफआईआर कैसे दर्ज की जा सकती है, जिन्होंने खुद अपनी शिकायत में कहा था कि वे पिछले चार सालों से अपने परिवारों के साथ शहर में रह रहे हैं।

कोर्ट ने पाया कि नागेंद्र के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही शुरू करने से पहले पुलिस शिकायतकर्ताओं की स्थिति की पुष्टि करने में नाकाम रही। कोर्ट ने टिप्पणी की कि अगर अवैध प्रवासियों को इस तरह का समर्थन दिया गया, तो वे मशरूम की तरह फैल जाएंगे, और पुलिस विभाग के कामकाज पर सवाल उठाए।

नीट परीक्षा विवाद पर बात करते हुए, विजयेंद्र ने कहा कि भाजपा नेता सीटी रवि के बयानों को सही संदर्भ में समझा जाना चाहिए।

गौरतलब है कि नीट मुद्दे पर हो रहे विरोध प्रदर्शनों के बारे में बात करते हुए रवि ने कहा था कि आंदोलन में मुल्ला शामिल हो रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि अगर उनके सीने को भी चीर दिया जाए, तो भी उन्हें वर्णमाला का एक अक्षर भी नहीं पता होगा, और सवाल किया कि इस मुद्दे से उनका क्या लेना-देना है।

विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि गृह मंत्री प्रियांक खड़गे अपनी जिम्मेदारियां भूल गए हैं और राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के बजाय राजनीतिक बयानों पर ज्यादा जोर दे रहे हैं।

उन्होंने कहा, "भाजपा नेताओं को धमकाने के बजाय, सरकार को कर्नाटक के लोगों से जुड़े असली मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए।"

--आईएएनएस

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