राम मंदिर मामले में समय सीमा के भीतर हुई त्वरित कार्रवाई, पारदर्शिता हमारी प्राथमिकता : गुरु प्रकाश

राम मंदिर मामले में समय सीमा के भीतर हुई त्वरित कार्रवाई, पारदर्शिता हमारी प्राथमिकता : गुरु प्रकाश

पटना, 15 जुलाई (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता गुरु प्रकाश ने राम मंदिर चढ़ावा मामले को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि इस विषय में तेजी से और तय समय सीमा के भीतर कार्रवाई की गई है। किसी के मन में किसी तरह का शक या संदेह नहीं होना चाहिए क्योंकि पारदर्शिता सरकार की प्राथमिकता है।

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गुरु प्रकाश ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि व्यवस्था में जवाबदेही और पारदर्शिता बनाए रखना महत्वपूर्ण है। राम मंदिर से जुड़े मामलों में हर स्तर पर स्पष्टता सुनिश्चित की गई है और किसी भी तरह की अनियमितता को लेकर उचित कदम उठाए गए हैं।

बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर भाजपा नेता ने दावा किया कि पार्टी को ऐतिहासिक जनादेश मिलने जा रहा है। बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र भाजपा के लिए केवल एक चुनावी क्षेत्र नहीं, बल्कि परिवार की तरह है। यह क्षेत्र वर्षों के भरोसे, पीढ़ियों के जुड़ाव और कार्यकर्ताओं के समर्पण का प्रतीक है। जनता एक बार फिर भाजपा के पक्ष में अपना समर्थन देगी।

पंजाब कांग्रेस में कथित अंदरूनी कलह को लेकर भी गुरु प्रकाश ने कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी में दलित नेताओं के आगे बढ़ने को लेकर भेदभाव की स्थिति रही है।

उन्होंने हरियाणा की कुमारी शैलजा और पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी का उदाहरण देते हुए कहा कि जब भी कांग्रेस में दलित समुदाय से आने वाला कोई नेता महत्वाकांक्षा दिखाता है, तो पार्टी में असहजता दिखाई देती है। कांग्रेस को दलित विरोधी और सामंती सोच वाली राजनीतिक पार्टी बताया।

उधर, बिहार सरकार के ‘सहयोग’ प्लेटफॉर्म पर आने वाली शिकायतों के समाधान को लेकर मंत्री दिलीप जायसवाल ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि आम लोगों की सही शिकायतों का समाधान तय समय सीमा के भीतर किया जाना चाहिए। अगर कोई अधिकारी शिकायतों के निपटारे में लापरवाही बरतता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

दिलीप जायसवाल ने आरक्षण से जुड़े मुद्दे पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह संवैधानिक अधिकारों से जुड़ा मामला है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अत्यंत पिछड़े वर्गों और अन्य आरक्षित श्रेणियों के मौजूदा लाभार्थियों के अधिकारों को प्रभावित करने वाला कोई भी कदम नहीं उठाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार संवैधानिक व्यवस्था और न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप काम कर रही है।

--आईएएनएस

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