अयोध्या, 4 सितंबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के अयोध्या में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर उत्साह चरम पर है। राम मंदिर सहित पूरे शहर में जन्माष्टमी की तैयारियां जोरों पर हैं। राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े संतों ने बताया कि यह त्योहार हमेशा की तरह पारंपरिक तरीके से पूरी श्रद्धा के साथ मनाया जाएगा।
राम मंदिर ट्रस्ट के चेयरमैन महंत नृत्य गोपाल दास के उत्तराधिकारी कमल नयन दास ने कहा, "यह त्योहार हमेशा की तरह पारंपरिक तरीके से मनाया जाएगा। भगवान कृष्ण का जन्मोत्सव आधी रात को 12:00 बजे मनाया जाएगा। सभी संत और साधु बहुत खुश होंगे।"
वहीं, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य महंत दिनेन्द्र दास महाराज ने कहा कि आज आधी रात को अयोध्या में जन्माष्टमी मनाई जाएगी। पुरानी परंपराओं का ठीक से पालन किया जा रहा है और सभी लोग पारंपरिक पूजा-पाठ और रस्में निभा रहे हैं।
महंत दिनेन्द्र दास ने आगे कहा कि अयोध्या के संत और साधु संतुष्ट हैं और ट्रस्ट के सभी सदस्य भी संतुष्ट हैं। सभी में एकता है और सभी एक हैं। संत जो भी फैसला लेंगे, उसे मानने के लिए सभी तैयार हैं। उन्होंने बताया कि जन्माष्टमी मनाने की परंपरा हमेशा की तरह जारी रहेगी। आधी रात को भजन-कीर्तन होंगे और रात 12 बजे भगवान कृष्ण का स्वागत किया जाएगा।
राम मंदिर में व्यवस्था के इंचार्ज इंद्रदेव मिश्र ने तैयारियों को लेकर जानकारी दी। उन्होंने कहा, "जन्माष्टमी के जश्न की तैयारियां चल रही हैं और मंदिर प्रशासन सभी व्यवस्थाओं की देखरेख कर रहा है। शानदार भजन-कीर्तन, भोग-प्रसाद और दूसरी व्यवस्थाएं की गई हैं। यह भी पक्का किया गया है कि उस समय मौजूद सभी लोगों को भोग-प्रसाद मिले।"
उन्होंने बताया कि जन्माष्टमी के मौके पर भजन-कीर्तन के साथ-साथ श्रीमद्भागवत का पाठ भी होगा और प्रसाद बांटने की भी विशेष व्यवस्था की गई है। मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी इंतजाम पूरे कर लिए हैं।
गौरतलब है कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के बाद यह पहली जन्माष्टमी है जिसे और भी भव्य तरीके से मनाने की तैयारी है। देर रात तक मंदिर परिसर में भक्तों के पहुंचने का सिलसिला जारी रहने की उम्मीद है।
--आईएएनएस
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