लखनऊ, 3 अगस्त (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश विधान परिषद के मानसून सत्र का पहला दिन सोमवार को राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक का गवाह बना। समाजवादी पार्टी के सदस्यों ने सरकार पर निष्पक्ष जांच न कराने का आरोप लगाते हुए वेल में उतरकर जोरदार नारेबाजी की, जबकि नेता सदन एवं उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने पलटवार करते हुए सपा पर रामभक्तों पर गोली चलवाने का आरोप लगाया।
लगातार हंगामे के कारण सभापति को सदन की कार्यवाही पहले 15 मिनट और बाद में 20 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी। सदन की कार्यवाही 'वंदे मातरम्' के पूर्ण गायन के साथ शुरू हुई। इसके बाद सभापति कुंवर मानवेन्द्र सिंह ने पूर्व सदस्य जय प्रकाश चतुर्वेदी के निधन पर शोक प्रस्ताव पढ़ा और सदन ने दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
शून्यकाल में समाजवादी पार्टी के लाल बिहारी यादव, राजेंद्र चौधरी, डॉ. मान सिंह यादव, मुकुल यादव, आशुतोष सिन्हा, बलराम यादव, मोहम्मद जासमीर अंसारी, शाहनवाज खान और शाह आलम ने कार्यस्थगन प्रस्ताव के जरिए राम मंदिर में चढ़ावे की कथित वित्तीय अनियमितताओं का मामला उठाया।
विपक्ष ने आरोप लगाया कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े मामले में सरकार निष्पक्ष जांच कराने में विफल रही है और केवल निचले स्तर पर कार्रवाई कर मामले को दबाने का प्रयास किया गया। सरकार की ओर से जवाब देते हुए नेता सदन एवं उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि रामलला का भव्य मंदिर पांच सौ वर्षों के लंबे संघर्ष के बाद बना है और यह करोड़ों रामभक्तों के लिए गर्व का विषय है।
उन्होंने कहा कि रामभक्तों पर गोली चलवाने वाली पार्टी को मंदिर के मुद्दे पर बोलने का नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने दावा किया कि जनता आगामी चुनाव में समाजवादी पार्टी को जवाब देगी।
उपमुख्यमंत्री के वक्तव्य के दौरान समाजवादी पार्टी के सदस्य नारेबाजी करते हुए सदन की वेल में पहुंच गए। 'चंदा चोर गद्दी छोड़' और अन्य नारों के बीच सदन में भारी शोर-शराबा हुआ। स्थिति सामान्य न होने पर सभापति ने कार्यवाही पहले 15 मिनट और बाद में 20 मिनट के लिए स्थगित कर दी। दोबारा कार्यवाही शुरू होने पर भी हंगामा जारी रहा।
इसी दौरान भाजपा सदस्य डॉ. विजय बहादुर पाठक ने नियम-59 के तहत सारनाथ को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल किए जाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति सदन की ओर से धन्यवाद ज्ञापित करने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने इसे उत्तर प्रदेश और देश की सांस्कृतिक विरासत के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।
डॉ. पाठक ने नियम-115 के तहत प्रदेश के राजस्व न्यायालयों में लंबित मामलों का मुद्दा उठाते हुए लोक अदालत की तर्ज पर "राजस्व जन अदालत" शुरू करने की मांग की। उन्होंने कहा कि नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, कब्जा और बेदखली जैसे लाखों मामले वर्षों से लंबित हैं, जिससे किसानों और गरीबों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है तथा कई भूमि विवाद कानून-व्यवस्था की चुनौती बन रहे हैं।
उन्होंने नियम-110 के तहत प्रदेश में बढ़ते अवैध निर्माण का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना था कि सरकारी आंकड़ों के अनुसार 4.32 लाख से अधिक अवैध निर्माण चिन्हित किए जा चुके हैं, जिनमें बड़ी संख्या में आवासीय भूखंडों पर बिना स्वीकृत मानचित्र के व्यावसायिक निर्माण किए गए हैं।
उन्होंने चेतावनी दी कि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में बड़ी दुर्घटनाओं की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। कार्यस्थगन प्रस्ताव के तहत निर्दलीय सदस्य राजबहादुर सिंह चंदेल और डॉ. आकाश अग्रवाल ने सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षणेत्तर कर्मचारियों और सेवानिवृत्त शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा योजना का लाभ देने का मुद्दा उठाया।
इस पर उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि सरकार इस विषय पर सकारात्मक है और मुख्यमंत्री से चर्चा कर समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा। हालांकि इस मुद्दे पर भी सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कुछ समय तक तीखी बहस और आरोप-प्रत्यारोप का दौर चलता रहा।
--आईएएनएस
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