अयोध्या, 11 जुलाई (आईएएनएस)। राम मंदिर चढ़ावा मामले पर सियासत खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। हनुमानगढ़ी के पुजारी देवेशाचार्य ने कहा कि इस मामले से सनातन धर्म पर गहरी चोट पहुंची है, इस पर सरकार को सख्त कदम उठाने चाहिए।
राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर हनुमानगढ़ी के पुजारी देवेशाचार्य ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "राम जन्मभूमि तीर्थ स्थल पर भगवान राम के नाम पर दिए गए चढ़ावे की चोरी ने पूरे देश को शर्मसार किया है। देश का सिर शर्म से झुक गया है और सनातन धर्म को मानने वालों को गहरा दुख पहुंचा है। कोषाध्यक्ष होने के नाते गोविंद देव गिरी की नैतिक जिम्मेदारी थी कि वे अपनी जवाबदेही स्वीकार करें, अपने पद से इस्तीफा दें और जांच में सहयोग करें।"
बाबरी मस्जिद मामले के पूर्व पक्षकार इकबाल अंसारी ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "अयोध्या हमेशा से एक धार्मिक शहर और सभी की आस्था का केंद्र रहा है। यहां जो भी घटनाएं हुईं, वे बेहद दुर्भाग्यपूर्ण थीं और उनसे सभी को दुख पहुंचा है। हम सरकार की योजना और उसके द्वारा बनाए गए नियमों और कानूनों की सराहना करते हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। सरकार जो काम कर रही है, उससे हम संतुष्ट हैं।"
उन्होंने कहा कि अगर सरकार पहले ही कानून बना देती तो इस तरह की घटना नहीं होती। चढ़ावा चोरी करना गलत है, लेकिन अभी लोगों की आस्था बनी हुई है, इसीलिए आगे इस तरह की घटना न हो, इस पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री सुरेश खन्ना ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, "समाजवादी पार्टी के लोगों का कोई भरोसा नहीं है। पूरा देश उनका बर्ताव देख चुका है, जब उन्होंने कार सेवकों पर गोली चलाने का आदेश दिया था। उन्होंने आंदोलन को रोकने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी। जहां तक अयोध्या की बात है, यह शुरू से ही भारतीय जनता पार्टी के एजेंडे का हिस्सा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार में अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति लागू की गई है।"
--आईएएनएस
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