राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले के बीच अयोध्या में आस्था बरकरार, संतों ने कहा-जांच से और मजबूत होगा विश्वास

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले के बीच अयोध्या में आस्था बरकरार, संतों ने कहा-जांच से और मजबूत होगा विश्वास

अयोध्या, 14 जुलाई (आईएएनएस)। राम मंदिर चढ़ावा चोरी के आरोपों के बीच अयोध्या में श्रद्धालुओं की आस्था और दर्शन व्यवस्था को लेकर मंदिर से जुड़े संतों और पदाधिकारियों ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य दिनेंद्र दास ने कहा कि रामलला की पूजा-अर्चना और मंदिर की व्यवस्थाएं पूरी तरह सुचारु रूप से चल रही हैं। उन्होंने बताया कि प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं और आरती के समय भी भक्तों की अच्छी उपस्थिति रहती है।

दिनेंद्र दास ने कहा कि श्रद्धालु अपनी श्रद्धा के अनुसार दानपात्र में चढ़ावा अर्पित कर रहे हैं और मंदिर की व्यवस्थाओं में कोई बाधा नहीं आई है। उन्होंने कहा कि पूजा-पाठ नियमित रूप से विधि-विधान के साथ संपन्न हो रहा है।

चढ़ावा चोरी के आरोपों पर उन्होंने कहा कि इस मामले में आरोपी पकड़े जा चुके हैं और उन्हें जेल भेजा गया है। उन्होंने विश्वास जताया कि न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से पूरे मामले का समाधान होगा और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार और प्रशासन अपना काम कर रहे हैं और उन्हें शासन व्यवस्था पर पूरा भरोसा है। उन्होंने कहा कि जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कार्रवाई होगी।

सावन और आने वाले धार्मिक पर्वों की तैयारियों को लेकर दिनेंद्र दास ने कहा कि मंदिर में पारंपरिक व्यवस्थाएं पहले की तरह जारी रहेंगी। उन्होंने कहा कि भगवान राम से जुड़े सभी उत्सव और धार्मिक कार्यक्रम निर्धारित परंपराओं के अनुसार आयोजित किए जाएंगे।

वहीं, महंत वरुण दास ने अयोध्या में श्रद्धालुओं की संख्या को लेकर कहा कि यहां भक्तों की भीड़ मौसम, त्योहारों और धार्मिक अवसरों के अनुसार बढ़ती और घटती रहती है। राम मंदिर निर्माण के बाद अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में काफी वृद्धि हुई है। जेठ महीने में विशेष रूप से हनुमान जी की पूजा करने वाले श्रद्धालु बड़ी संख्या में आते हैं। जेठ के मंगलवार को देश के कई हिस्सों में धार्मिक आयोजन और भंडारे होते हैं, जिसके कारण अयोध्या में भी भक्तों की संख्या बढ़ जाती है।

उन्होंने कहा कि छुट्टियों के दौरान भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं, जबकि खेती, स्कूलों में प्रवेश और अन्य सामाजिक गतिविधियों के समय भीड़ अपेक्षाकृत कम हो सकती है। उन्होंने कहा कि सावन के महीने में भी अयोध्या में विशेष धार्मिक उत्साह देखने को मिलेगा।

सावन के दौरान झूला उत्सव, श्रावण तीज और अन्य धार्मिक आयोजनों में बड़ी संख्या में संत और श्रद्धालु शामिल होते हैं। उन्होंने बताया कि श्रावण शुक्ल तीज के अवसर पर अयोध्या के मणि पर्वत पर मेला लगता है, जिसमें अवध क्षेत्र के संत-महंत और श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंचते हैं। इसके बाद झूलन उत्सव की परंपरा भी मंदिरों में जारी रहती है। उन्होंने कहा कि माघ मेला, परिक्रमा और अन्य धार्मिक आयोजनों के समय भी अयोध्या में श्रद्धालुओं की संख्या काफी बढ़ जाती है।

महंत वरुण दास ने राम मंदिर चढ़ावा मामले में चल रही जांच को लेकर कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने इस विषय को गंभीरता से लिया है और संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि जांच जितनी अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से होगी, राम मंदिर के प्रति लोगों का विश्वास उतना ही मजबूत होगा।

महंत वरुण दास ने कहा कि भगवान श्रीराम को धर्म और सत्य का प्रतीक माना जाता है। उन्होंने कहा कि राम के परिसर में किसी भी प्रकार की अनियमितता की बात सामने आना श्रद्धालुओं के लिए दुखद विषय है। हालांकि, उन्होंने भरोसा जताया कि भारतीय संविधान और न्याय व्यवस्था के तहत जांच पूरी होगी और जो भी सच्चाई होगी, वह सामने आएगी।

उन्होंने कहा कि जब जांच प्रक्रिया पूरी होकर निर्णय सामने आएगा तो श्रद्धालुओं का विश्वास और मजबूत होगा। उनके अनुसार, राम मंदिर से जुड़ी हर व्यवस्था में पारदर्शिता और पवित्रता बनाए रखना आवश्यक है क्योंकि यह केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है।

बाबरी मस्जिद मामले के पक्षकार रहे इकबाल अंसारी ने भी कहा कि इस मामले से श्रद्धालुओं की आस्था पर कोई असर नहीं पड़ा है। उन्होंने कहा कि आज भी बड़ी संख्या में भक्त अयोध्या पहुंच रहे हैं, रामलला के दर्शन कर रहे हैं और पूजा-अर्चना में शामिल हो रहे हैं।

इकबाल अंसारी ने कहा कि राम मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है और किसी भी विवाद के कारण श्रद्धालुओं का विश्वास कम नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि लोग लगातार अयोध्या आ रहे हैं और रामलला के दर्शन कर अपनी श्रद्धा व्यक्त कर रहे हैं।

--आईएएनएस

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