पटना, 13 जुलाई (आईएएनएस)। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के राज्यसभा सांसद मनोज झा ने राम मंदिर चंदा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई, चुनाव आयोग की निष्पक्षता, बिहार के बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव समेत कई मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी। भाजपा और केंद्र सरकार पर जुबानी हमला करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनता के वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने का काम करती है।
राम मंदिर चंदा विवाद से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई पर मनोज झा ने कहा कि कानूनी प्रक्रिया अपनी जगह है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर ऐसी स्थिति पैदा कैसे हुई। पिछले लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राम मंदिर को लेकर व्यापक राजनीतिक अभियान चलाया गया था और उसी दौरान 'जो राम को लाए हैं' जैसे नारे दिए गए। यह मामला केवल चोरी या आर्थिक अनियमितता का नहीं है; यह करोड़ों भारतीयों की धार्मिक आस्था के साथ खिलवाड़ का है। यदि सर्वोच्च न्यायालय इस मामले में कोई पहल करता है, तो पूरे मामले से जुड़े सभी नाम, चाहे वे कितने भी प्रभावशाली क्यों न हों, सार्वजनिक होने चाहिए। ऐसा नहीं होना चाहिए कि केवल छोटे लोगों पर कार्रवाई हो और बड़े प्रभावशाली लोगों को बचा लिया जाए। निष्पक्ष जांच और पूरी सच्चाई सामने आने से ही लोगों की आस्था को लगी चोट कुछ हद तक भर सकेगी।
पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी की नई पुस्तक में पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह द्वारा चुनाव आयोग को 'लोकतंत्र की आत्मा' बताए जाने पर मनोज झा ने कहा कि उस टिप्पणी को उसके मूल संदर्भ में देखा जाना चाहिए। डॉ. मनमोहन सिंह के कार्यकाल में चुनाव आयोग की संस्थागत विश्वसनीयता बनी हुई थी। उस समय भी सवाल उठते थे, लेकिन उनका जवाब अहंकार या राजनीतिक बयानबाजी से नहीं दिया जाता था। आज आम नागरिक का चुनाव आयोग पर भरोसा पहले जैसा नहीं रह गया है। संस्थाओं की विश्वसनीयता लोकतंत्र की सबसे बड़ी पूंजी होती है और उस पर गंभीरता से विचार होना चाहिए।
समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी के बयान पर राजद सांसद ने कहा कि भाजपा वास्तव में कोई ठोस काम नहीं कर रही, बल्कि केवल राजनीतिक स्वांग रच रही है। भाजपा जनता के वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने का काम करती है।
देश में आय की बढ़ती असमानता, गरीबी, भुखमरी, बेरोजगारी और परीक्षा पत्र लीक जैसी गंभीर समस्याओं पर चर्चा नहीं हो रही, जबकि इन्हीं मुद्दों का सीधा असर आम लोगों के जीवन पर पड़ रहा है। यदि सरकार वास्तव में समानता चाहती है तो सबसे पहले पूरे देश में समान रोजगार नीति (यूनिफॉर्म एम्प्लॉयमेंट पॉलिसी) लागू करे। अनुच्छेद 44 में समान नागरिक संहिता का जिक्र है, लेकिन उससे पहले अनुच्छेद 39 राज्य को आय और संपत्ति की असमानता कम करने की दिशा में काम करने की जिम्मेदारी देता है। यदि सरकार इन मुद्दों पर पहल करे तो पूरा देश उसका स्वागत करेगा।
बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर मनोज झा ने भाजपा पर व्यंग्य किया। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष से जुड़ा हुआ है, इसलिए उनका वहां सक्रिय रहना स्वाभाविक है। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि अभी नामांकन की प्रक्रिया पूरी होने में कुछ समय बाकी है और वह ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि जिस उम्मीदवार को दूसरी बार टिकट मिला है, उसका टिकट अंतिम समय तक बरकरार रहे और नामांकन के अंतिम क्षणों में भाजपा की ओर से कोई नया उम्मीदवार सामने न आ जाए।
--आईएएनएस
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