नई दिल्ली, 26 जून (आईएएनएस)। दिल्ली में फोर्टिस अस्पताल, शालीमार बाग को लेकर उठे विवाद के बीच अस्पताल प्रशासन ने अपनी पहली प्रतिक्रिया दी है। इससे पहले दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार को अस्पताल में मरीजों के इलाज के दौरान कथित अनियमितताओं और लापरवाही से जुड़ी शिकायतों की जांच के आदेश दिए थे। सरकार के इस फैसले के बाद अब फोर्टिस अस्पताल ने आधिकारिक बयान जारी कर अपना पक्ष रखा है।
दिल्ली के फोर्टिस अस्पताल, शालीमार बाग में मरीजों के इलाज के दौरान कथित अनियमितताओं और लापरवाही की शिकायतों के मामले में जांच शुरू होने जा रही है। गुरुवार को दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस पूरे मामले की जांच के आदेश दिए। सरकार का कहना है कि शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री के जांच के आदेश के बाद फोर्टिस अस्पताल, शालीमार बाग ने भी आधिकारिक बयान जारी किया है। अस्पताल ने कहा कि वह मरीजों की देखभाल, क्लीनिकल उत्कृष्टता, और सभी नियामकीय नियमों के उच्चतम मानकों का पालन करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
अस्पताल के बयान में कहा गया, "मामले से संबंधित सभी विवरण हमें औपचारिक रूप से प्राप्त होने के बाद हम उपलब्ध जानकारी का सावधानीपूर्वक अवलोकन करेंगे। इसके साथ ही हम जांच कर रहे संबंधित अधिकारियों को पूरा सहयोग देंगे।"
फोर्टिस अस्पताल ने यह भी स्पष्ट किया कि मरीजों की सुरक्षा और उनका बेहतर इलाज हमेशा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता रही है और आगे भी रहेगी। अस्पताल ने कहा कि वह हर स्तर पर पारदर्शिता बनाए रखते हुए जांच प्रक्रिया में सहयोग करेगा।
अब इस मामले में सभी की नजर सरकारी जांच पर टिकी है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि शिकायतों में कितनी सच्चाई है और आगे क्या कार्रवाई की जाएगी। वहीं, फोर्टिस अस्पताल ने दोहराया है कि वह मरीजों के हितों और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।