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गुजरात एसीबी का ट्रैप: राजकोट में एएसआई समेत दो रिश्वतखोर गिरफ्तार

राजकोट में दो रिश्वतखोर गिरफ्तार, एसीबी का ट्रैप
गुजरात

राजकोट, 20 सितंबर (आईएएनएस)। गुजरात भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो (एसीबी) ने रविवार को राजकोट के अजी डैम पुलिस स्टेशन में दर्ज एक मामले की जांच के सिलसिले में कथित तौर पर 10,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए एक सहायक सब-इंस्पेक्टर और गुजरात रक्षा दल (जीआरडी) के एक कर्मी को गिरफ्तार किया।

आरोपियों की पहचान राजकोट शहर के अजी डैम पुलिस स्टेशन के अंतर्गत अजी डैम पुलिस चौकी में तैनात 53 वर्षीय एएसआई राजेशभाई उर्फ ​​राजुभाई मेर और उसी चौकी में तैनात 31 वर्षीय जीआरडी कर्मी मनोजभाई चौहान के रूप में हुई है।

एसीबी के अनुसार, शिकायतकर्ता के खिलाफ अजी डैम पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई गई थी और मेर मामले की जांच कर रहे थे। एसीबी का आरोप है कि मेर ने आरोपियों को लॉकअप में न रखने और जमानत की कार्यवाही शीघ्र पूरी करने के बदले शिकायतकर्ता से 10,000 रुपये की मांग की थी।

आरोप है कि मेर ने शिकायतकर्ता को चौहान को रिश्वत की रकम सौंपने के लिए कहा था। हालांकि, शिकायतकर्ता रिश्वत देने को तैयार नहीं था और उसने एसीबी के टोल-फ्री नंबर '1064' पर शिकायत दर्ज कराई।

शिकायत के बाद, एसीबी ने रविवार को एक जाल बिछाया। जाल बिछाने के दौरान, चौहान ने कथित तौर पर शिकायतकर्ता से मौके पर ही 10,000 रुपये ले लिए। एसीबी ने बताया कि रिश्वत की पूरी रकम बरामद कर ली गई है और दोनों आरोपियों को मौके से ही पकड़ लिया गया है।

अधिकार‍ियों ने बताया, “राजकोट शहर में पूर्वी डिवीजन के ट्रैफिक भवन परिसर के भीतर, अजी डैम पुलिस चौकी के गेट के सामने जाल बिछाया गया। इस मामले में 10,000 रुपये की राशि मांगी गई, स्वीकार की गई और बरामद की गई। यह जाल राजकोट ग्रामीण एसीबी पुलिस स्टेशन के पुलिस इंस्पेक्टर एमएन राणा द्वारा बिछाया गया।”

यह शिकंजा एसीबी द्वारा लोक सेवकों द्वारा अवैध रिश्वत मांगने और स्वीकार करने के खिलाफ चल रही कार्रवाई का हिस्सा है। ऐसे अभियानों में, एसीबी की 1064 टोल-फ्री हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त शिकायतों की जांच की जाती है और जहां आरोप पुष्ट होते हैं, वहां दोषियों को पकड़ने के लिए जाल बिछाया जाता है।

--आईएएनएस

एएसएच/पीएम