शिमला, 9 जुलाई (आईएएनएस)। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने गुरुवार को कहा कि अगर राज्य में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार होती तो वह किशाऊ बांध परियोजना में हिमाचल प्रदेश के हितों से समझौता कर लेती।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार होती तो वह पुराने समझौते को स्वीकार कर लेती, जिससे राज्य के खजाने को भारी नुकसान होता, लेकिन मौजूदा राज्य सरकार ने वर्ष 2023 के समझौते को स्वीकार नहीं किया और हिमाचल प्रदेश के हितों की रक्षा की। उन्होंने इसे राज्य की आर्थिक स्थिति मजबूत करने की दिशा में एक बड़ी सफलता बताया।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि संशोधित समझौते के तहत हिमाचल प्रदेश को हर साल करीब 600 करोड़ रुपए की अतिरिक्त आय होगी।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि कांग्रेस सरकार 'व्यवस्था परिवर्तन' के अपने वादे को पूरा करने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि अनाथ बच्चों, विधवाओं, अकेली महिलाओं, मेधावी छात्रों और समाज के अन्य जरूरतमंद वर्गों के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं शुरू की गई हैं, जिनका लाभ लोगों तक पहुंच रहा है।
मुख्यमंत्री ने राज्य में आई भीषण प्राकृतिक आपदाओं का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार ने अपने संसाधनों से पूरी तरह क्षतिग्रस्त घरों के लिए मुआवजे की राशि 1.30 लाख रुपए से बढ़ाकर 8 लाख रुपए कर दी है। उन्होंने दावा किया कि आपदा राहत के तहत दी जाने वाली यह राशि देश में सबसे अधिक है।
उन्होंने कहा कि राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) में हर साल 10,000 करोड़ रुपए की कटौती के बावजूद राज्य सरकार हिमाचल प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार हिमाचल प्रदेश के हितों की अनदेखी कर रही है, जिसका असर आम लोगों पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य अब भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2025 में कांगड़ा दौरे के दौरान घोषित 1,500 करोड़ रुपए के आपदा राहत पैकेज का इंतजार कर रहा है।
उन्होंने कहा कि भाजपा के चारों सांसदों ने वित्तीय सहायता मांगने के लिए संयुक्त रूप से प्रधानमंत्री मोदी से संपर्क नहीं किया था।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि उन्होंने आपदा प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए व्यक्तिगत रूप से 51 लाख रुपए दान किए हैं। उन्होंने कोविड-19 महामारी के दौरान भी राज्य को 35 लाख रुपए का योगदान दिया था, जब जय राम ठाकुर मुख्यमंत्री थे।
यहां एक समारोह में एक प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा चुनाव से पहले राजनीतिक उद्देश्यों के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) का इस्तेमाल करती है।
उन्होंने कहा कि भाजपा सत्ता के लिए प्रतिस्पर्धा करने वाले कई प्रतिद्वंद्वी गुटों में विभाजित है, लेकिन राज्य की जनता ने अपनी पार्टी पर से विश्वास खो दिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकार पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ काम कर रही है और पिछले साढ़े तीन वर्षों में उनके मंत्रिमंडल के खिलाफ कोई आरोप नहीं लगाया गया है।
--आईएएनएस
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