जयपुर, 25 जून (आईएएनएस)। राजस्थान में यमुना जल समझौते पर राजनीतिक लड़ाई तेज हो गई है। सत्ताधारी भाजपा और विपक्ष कांग्रेस के बीच जुबानी जंग जारी है कि सूखे शेखावाटी इलाके में यमुना का पानी लाने का क्रेडिट किसे जाता है।
जहां राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भाजपा सरकार को समझौतों पर हस्ताक्षर करने के बजाय जमीनी स्तर पर पानी उपलब्ध कराने की चुनौती दी तो वहीं कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने नवीनतम समझौते को 'झूठा समझौता ज्ञापन' करार दिया।
इसके जवाब में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पलटवार करते हुए कांग्रेस पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया और विकास पर टिप्पणी करने के उसके नैतिक अधिकार पर सवाल उठाया।
उन्होंने कहा, "कांग्रेस नेताओं को समझौता ज्ञापन और अनुबंध ज्ञापन जैसी बुनियादी अवधारणाओं की भी समझ नहीं है। कांग्रेस की समझ और दूरदृष्टि अपूर्ण है, यही कारण है कि देश भर में पार्टी की छवि धूमिल हो गई है।"
यमुना जल समझौते और किसाऊ बांध परियोजना का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ऐतिहासिक कार्य किए जा रहे हैं।
सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा कि भाजपा सरकार के पिछले ढाई वर्षों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करने से पहले कांग्रेस को अपने पांच साल के कार्यकाल का हिसाब देना चाहिए। उन्होंने पिछली कांग्रेस सरकार पर राजस्थान को बिजली संकट में धकेलने, बार-बार कागजी दस्तावेजों के रिसाव को रोकने का आरोप लगाया, जिससे युवाओं का भविष्य खतरे में पड़ गया, और वर्षों तक सत्ता में रहने के बावजूद प्रमुख जल परियोजनाओं को पूरा करने में विफल रहने का भी आरोप लगाया।
मुख्यमंत्री ने कहा, "हमारी सरकार के कार्यों का मूल्यांकन करने से पहले कांग्रेस को यह बताना होगा कि उसने अपने पांच साल के कार्यकाल में क्या हासिल किया। हमने कम समय में ही रोजगार, बिजली आपूर्ति और जल अवसंरचना के क्षेत्र में ऐसे परिणाम दिए हैं जो कांग्रेस अपने पूरे कार्यकाल में हासिल करने में विफल रही।"
उन्होंने दावा किया, "कांग्रेस ने परीक्षा के पेपर लीक और भर्ती घोटालों के जरिए लाखों युवाओं के भविष्य को अनिश्चितता में धकेल दिया। इसके विपरीत, हमारी सरकार के कार्यकाल में एक भी भर्ती परीक्षा का पेपर लीक नहीं हुआ है।"
उन्होंने आगे कहा कि भाजपा सरकार ने पारदर्शिता के साथ रोजगार के अवसर प्रदान किए हैं और योग्यता आधारित भर्ती वर्तमान प्रशासन की पहचान बन गई है।
सीएम शर्मा ने बिजली प्रबंधन को लेकर पिछली सरकार पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि कांग्रेस के शासनकाल में राजस्थान को अभूतपूर्व बिजली संकट का सामना करना पड़ा।
मुख्यमंत्री ने कहा, "कांग्रेस ने राजस्थान को बिजली संकट में डाल दिया। हम गांवों और शहरों में निर्बाध बिजली आपूर्ति कर रहे हैं और किसानों को दिन के समय बिजली आपूर्ति देने की अपनी प्रतिबद्धता की ओर बढ़ रहे हैं।"
उन्होंने आगे कहा कि 26 जिलों के किसानों को पहले ही दिन के समय बिजली मिलनी शुरू हो गई है और सरकार 2027 तक पूरे राजस्थान में यह सुविधा पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
यमुना जल परियोजना को लेकर विपक्ष की आलोचना के बीच शर्मा ने समझौते का जोरदार बचाव किया और कांग्रेस नेताओं पर राजनीतिक लाभ के लिए भ्रम पैदा करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के साथ निरंतर संपर्क के माध्यम से राजस्थान के हितों की रक्षा की जा रही है और यमुना जल समझौता और किसाऊ बांध परियोजना जैसी ऐतिहासिक पहल राज्य की जल सुरक्षा को महत्वपूर्ण रूप से मजबूत करेंगी।
उन्होंने कहा कि राजस्थान को पानी का उसका उचित हिस्सा मिले, यह सुनिश्चित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ऐतिहासिक निर्णय लिए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री की यह टिप्पणी अशोक गहलोत द्वारा भाजपा सरकार को समझौतों को वास्तविक जल आपूर्ति में बदलने की चुनौती देने के बाद आई है।
जोधपुर में बोलते हुए गहलोत ने कहा कि अगर यमुना का पानी वास्तव में नीम का थाना तक पहुंचता है तो वह व्यक्तिगत रूप से मुख्यमंत्री के आवास पर जाकर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित करेंगे।
गहलोत ने कहा था, "केवल बैठकों से पानी नहीं आएगा। पानी पहुंचाइए, और मैं स्वयं जाकर मुख्यमंत्री को बधाई दूंगा।"
डोटासरा ने समझौते पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि राजस्थान के हितों से समझौता किया गया है और भाजपा सरकार के दृष्टिकोण को एक ठोस समाधान के बजाय केवल एक समझौता ज्ञापन की औपचारिकता बताया।
सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में डोटासरा ने दावा किया कि शेखावाटी के लोगों को पानी चाहिए, कागजी कार्रवाई नहीं, और उन्होंने इस बात पर स्पष्टता की मांग की कि परियोजना को कैसे और कब लागू किया जाएगा।
शर्मा ने कहा कि कांग्रेस न केवल शासन में विफल रही, बल्कि एक रचनात्मक विपक्ष की भूमिका निभाने में भी विफल रही है।
उन्होंने कहा, "लोकतंत्र के लिए एक मजबूत विपक्ष आवश्यक है, लेकिन कांग्रेस इस जिम्मेदारी को निभाने में पूरी तरह विफल रही है। रचनात्मक सुझाव देने के बजाय यह तुष्टीकरण और गलत सूचना की राजनीति में फंसी हुई है।"
उन्होंने जोर देकर कहा कि भाजपा सरकार विकास, बुनियादी ढांचे के निर्माण और राजस्थान की जनता से किए गए वादों को पूरा करने पर केंद्रित है।
--आईएएनएस
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