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राजस्थान निकाय चुनाव: ओवैसी-बेनीवाल की संयुक्त रैली से 'थर्ड फ्रंट' की चर्चा तेज, दोनों ने सरकार पर साधा निशाना

राजस्थान

जयपुर, 7 सितंबर (आईएएनएस)। राजस्थान में शहरी स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मीयां उस वक्त और बढ़ गईं, जब रविवार को एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) प्रमुख हनुमान बेनीवाल की ओर से जयपुर में एक संयुक्त रैली की गई। दोनों नेताओं के एक साथ मंच पर आने से राज्य में एक संभावित तीसरे राजनीतिक मोर्चे के उभरने की अटकलें तेज हो गई हैं।

रविवार को दोनों नेताओं ने म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के वार्ड 146 में एआईएमआईएम उम्मीदवार के समर्थन में एक जनसभा को संबोधित किया। साथ ही, उन्होंने भाजपा और कांग्रेस दोनों पर निशाना साधा और खुद को एक वैकल्पिक राजनीतिक ताकत के तौर पर पेश किया। उनके एक साथ आने से राजस्थान में बदलते राजनीतिक समीकरणों और निकाय चुनावों के बाद भी एआईएमआईएम-आरएलपी के बीच बड़े गठबंधन की संभावना पर चर्चा शुरू हो गई है।

सभा को संबोधित करते हुए ओवैसी ने कहा कि राजस्थान की राजनीति पारंपरिक रूप से भाजपा और कांग्रेस के इर्द-गिर्द घूमती रही है लेकिन उन्होंने दावा किया कि अब मतदाताओं के सामने एक नया राजनीतिक विकल्प पेश किया जा रहा है। उन्होंने 11 सितंबर के निकाय चुनावों को मतदाताओं के लिए एक अहम परीक्षा बताया और जनता से एआईएमआईएम उम्मीदवार का समर्थन करने की अपील की। उन्होंने मतदाताओं से उन वार्डों में आरएलपी उम्मीदवारों का समर्थन करने का भी आग्रह किया जहां पार्टी चुनाव लड़ रही है।

ओवैसी ने भाजपा सरकार के राजनीतिक रवैये पर निशाना साधते हुए शिक्षा, सरकारी स्कूलों में सुविधाओं और महिलाओं की सुरक्षा जैसे मुद्दे उठाए। उन्होंने कहा कि चुनाव सांप्रदायिक मुद्दों के बजाय लोगों की बुनियादी चिंताओं पर केंद्रित होने चाहिए। बेनीवाल ने इस संयुक्त उपस्थिति को राजस्थान की राजनीति के लिए एक नई शुरुआत बताया और जाट तथा मुस्लिम समुदायों के बीच राजनीतिक सहयोग के बारे में बात की।

आरएलपी नेता ने कथित पेपर लीक, किसानों की चिंताओं, अग्निवीर भर्ती योजना और युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी किसानों और युवाओं से जुड़े मुद्दे उठाती रहेगी।

ओवैसी और बेनीवाल ने संकेत दिया कि भविष्य के चुनावों (जिनमें राजस्थान विधानसभा चुनाव भी शामिल हैं) में यह राजनीतिक तालमेल जारी रह सकता है। ओवैसी और बेनीवाल की संयुक्त जनसभा ने राजस्थान के राजनीतिक परिदृश्य में एक नया आयाम जोड़ दिया है।

--आईएएनएस

एसडी/पीएम