राजस्थान के दक्षिण-पश्चिमी जिलों में भारी से अति भारी बारिश का पूर्वानुमान, अलर्ट जारी

राजस्थान के दक्षिण-पश्चिमी जिलों में भारी से अति भारी बारिश का पूर्वानुमान, अलर्ट जारी

जयपुर, 24 जुलाई (आईएएनएस)। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने राजस्थान में मानसून के दोबारा सक्रिय होने के बाद दक्षिण-पश्चिमी हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के डिप्टी डायरेक्टर हिमांशु शर्मा ने बताया कि राज्य के कई जिलों में अगले दो दिनों तक तेज बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। खासतौर पर जालोर, सिरोही, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, उदयपुर और राजसमंद जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, गुजरात सीमा से लगे इलाकों में भी अच्छी बारिश होने की संभावना जताई गई है।

हिमांशु शर्मा ने आईएएनएस से बातचीत में बताया कि पिछले दो दिनों से सक्रिय मानसूनी सिस्टम के कारण राज्य के विभिन्न हिस्सों में व्यापक वर्षा हुई। मानसून एक बार फिर एक्टिव फेज में आ गया है, जिसके चलते कई स्थानों पर अत्यधिक बारिश दर्ज की गई। हालांकि, अब यह सिस्टम पश्चिम की ओर खिसक चुका है, जिससे वर्षा का मुख्य क्षेत्र भी दक्षिण-पश्चिम राजस्थान की ओर स्थानांतरित हो गया है। पिछले 24 घंटों के दौरान बाड़मेर जिले के पचपदरा में 90 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई, जबकि पूर्वी राजस्थान में राजसमंद जिले के आमेट में 87 मिमी बारिश दर्ज हुई। वहीं, राज्य का अधिकतम तापमान 38.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

उन्होंने बताया कि मौसम विभाग के अनुसार वर्तमान में सक्रिय सिस्टम दक्षिण-पश्चिम राजस्थान की ओर बढ़ चुका है। इसके प्रभाव से जोधपुर संभाग और उदयपुर संभाग के कई जिलों, जिनमें सिरोही, जालोर, उदयपुर और डूंगरपुर प्रमुख हैं, में आज भारी से अति भारी बारिश होने की संभावना है। बाड़मेर, बालोतरा, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़, उदयपुर और राजसमंद से लगे क्षेत्रों में भी कहीं-कहीं भारी बारिश के तीव्र दौर देखने को मिल सकते हैं।

आईएमडी ने यह भी स्पष्ट किया कि शनिवार को भी इस मौसम प्रणाली का असर मुख्य रूप से दक्षिण-पश्चिम राजस्थान में बना रहेगा। हालांकि, भारी बारिश वाले जिलों की संख्या कुछ कम हो जाएगी। विशेष रूप से जालोर, सिरोही और उनसे लगे क्षेत्रों में भारी से लेकर एक-दो स्थानों पर अति भारी बारिश दर्ज होने की संभावना बनी हुई है।

हिमांशु शर्मा ने कहा कि राज्य में बारिश का सिलसिला जारी रहेगा, लेकिन भारी और अति भारी बारिश का दौर मुख्य रूप से अगले दो दिनों तक ही रहने की संभावना है। इसके बाद बारिश की गतिविधियों में धीरे-धीरे कमी आएगी और केवल छिटपुट स्थानों पर ही भारी वर्षा हो सकती है। वर्तमान मानसूनी सिस्टम का प्रभाव अगले तीन से चार दिनों में कमजोर पड़ने लगेगा।

विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि भारी बारिश की चेतावनी वाले जिलों में अनावश्यक यात्रा से बचें, निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति को देखते हुए सतर्क रहें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियों को भी संभावित भारी वर्षा को देखते हुए सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

--आईएएनएस

पीएसके