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राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ को भाजपा ने बताया ‘पैसों की गूंज’, कांग्रेस नेता जहीर लालानी का पलटवार

राहुल

नई दिल्ली, 22 अगस्त (आईएएनएस)। कांग्रेस नेता जहीर लालानी ने पुणे में आयोजित लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के कार्यक्रम ‘छात्रों की गूंज’ को लेकर एबीवीपी और भाजपा की आलोचना करते हुए कहा कि छात्रों और युवाओं की आवाज उठाने वाले कार्यक्रम को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने तेलंगाना के मुख्यमंत्री के प्रस्तावित अमेरिका दौरे को राजनीतिक मंजूरी नहीं मिलने के मुद्दे पर भी केंद्र सरकार को घेरा।

कांग्रेस नेता जहीर लालानी ने कहा कि पुणे में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर एबीवीपी ने राहुल गांधी पर आरोप लगाते हुए इसे ‘पैसों की गूंज’ करार दिया, जो पूरी तरह गलत है। देश के छात्रों और जेनजी ने भाजपा और एबीवीपी का असली चेहरा देख लिया है। भाजपा छात्र हितों के खिलाफ काम कर रही है और छात्रों से जुड़े महत्वपूर्ण सवालों के जवाब देने से बच रही है।

लालानी ने आरोप लगाया कि जब छात्र शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे, तब उनके खिलाफ कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि भाजपा लगातार कांग्रेस को बदनाम करने का प्रयास करती रही है, लेकिन इससे उसकी अपनी छवि को नुकसान पहुंच रहा है। युवाओं और छात्रों की आवाज दबाने की कोशिश लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है और इसका असर भविष्य की राजनीति पर भी दिखाई देगा।

जहीर लालानी ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री के प्रस्तावित अमेरिका दौरे को राजनीतिक अनुमति नहीं मिलने के मुद्दे पर भी केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि विदेश मंत्रालय ने मुख्यमंत्री के विदेशी दौरे को मंजूरी नहीं दी। मुख्यमंत्री हाल ही में ब्रिटेन गए थे और ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय का दौरा किया था, जहां भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने भी शिक्षा प्राप्त की थी। इसे उन्होंने देश के लिए गौरव का विषय बताया।

लालानी के अनुसार, तेलंगाना सरकार दुनिया के अग्रणी देशों के शैक्षणिक संस्थानों और संगठनों के साथ सहयोग बढ़ाकर राज्य के छात्रों और युवाओं के लिए नए अवसर पैदा करना चाहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा इस प्रकार की पहल को भी राजनीतिक नजरिए से देख रही है। छात्रों से जुड़े विभिन्न मामलों में केंद्र सरकार का रवैया निराशाजनक रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों के आंदोलनों और शिक्षा संबंधी मुद्दों पर सरकार संवेदनशीलता नहीं दिखा रही है। यदि केंद्र सरकार तेलंगाना के विकास में सहयोग नहीं कर सकती तो कम से कम विकास कार्यों में बाधाएं भी नहीं खड़ी करनी चाहिए। शिक्षा, युवाओं और राज्य के विकास से जुड़े मुद्दों पर केंद्र सरकार का रवैया राजनीति से प्रेरित दिखाई देता है, जबकि इन विषयों को राजनीति से ऊपर रखकर देखा जाना चाहिए।

--आईएएनएस

एएमटी/एबीएम