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राहुल गांधी पर एफआईआर का भाजपा ने किया समर्थन, कांग्रेस बोली- ये दलितों और संविधान का अपमान

राहुल

पटना, 31 अगस्त (आईएएनएस)। उत्तराखंड में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के 'शुद्धिकरण यज्ञ' को दलित विरोधी बताने के बयान के खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर पर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। बीजेपी ने राहुल पर जातियों को बांटने और नफरत फैलाने का आरोप लगाया है, तो वहीं कांग्रेस ने राहुल के बयान का समर्थन किया है।

बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने आईएएनएस से कहा, "राहुल गांधी पहले दूसरों के खिलाफ एफआईआर की मांग करते थे, अब उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है। वाल्मीकि समुदाय के एक व्यक्ति ने एफआईआर दर्ज कराई है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि राहुल गांधी ने जाति और समाज को बांटकर गलत नैरेटिव बनाया। राहुल गांधी ने जिस तरह से इस मुद्दे पर बात की है, वह किसी भी स्थिति में सही नहीं है।"

भाजपा नेता नरोत्तम मिश्रा ने राहुल गांधी पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, "जातियों को बांटना उनका काम है। नफरत फैलाना उनका काम है। उनके पास कोई और काम नहीं है। राहुल गांधी का सिर्फ एक ही मकसद है, कोई दूसरा मकसद नहीं है। राहुल गांधी ने सनातन और हमारी संस्कृति पर हमला किया है। उन्होंने राजनीति में इसके अलावा कुछ नहीं किया है।"

वहीं, शिवसेना प्रवक्ता शायना एनसी ने कहा, "एफआईआर राजनीतिक बदले की भावना का मामला नहीं है। अगर दलित समुदाय के किसी व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई है, तो कोर्ट ने उस पर संज्ञान लिया है। देश में कई कानून हैं और राहुल गांधी को अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के बारे में पता होना चाहिए। अगर कोई दुरुपयोग होता है या किसी को परेशानी होती है, चाहे वह छुआछूत का मुद्दा हो या कोई बयान दिया गया हो। इस पर अब जो फैसला होगा वो न्यायालय का होगा। इसे लेकर हमारा कुछ कहना सही नहीं होगा।"

दूसरी ओर कांग्रेस ने राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर का विरोध किया है। पंजाब कांग्रेस के उपाध्यक्ष राजकुमार वेरका ने अमृतसर में कहा, "मुझे लगता है कि भाजपा घबराई हुई है। राहुल गांधी, जो दलितों की रक्षा कर रहे हैं, देश के संविधान की रक्षा करने की कोशिश कर रहे हैं। उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर दलितों का अपमान है। यह देश के संविधान का अपमान है और हम संविधान के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं करेंगे।"

--आईएएनएस

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