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राहुल गांधी-अरविंद केजरीवाल को झारखंड जाना चाहिए: रोहन गुप्ता

राहुल

गांधीनगर, 13 अगस्त (आईएएनएस)। संसद सत्र के समापन पर भाजपा नेता रोहन गुप्ता ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने गुरुवार को समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि पूरे देश ने विपक्ष की हकीकत और असलियत देखी। संसद में 12 बिल पास हुए, लेकिन विपक्ष ने उनमें से किसी एक पर भी चर्चा नहीं की।

रोहन गुप्ता ने कहा कि देश के इतिहास का पहला एंटी-पेपर लीक बिल पास हुआ, लेकिन विपक्ष ने इसको भी गतिरोध बनाया। फिर भी सरकार ने 12 बिल पास किए। जब सरकार ने विपक्ष की सारी मांगें मान लीं, विपक्ष ने जिन-जिन मुद्दों पर चर्चा करने की बात कही, सभी मानी गईं, लेकिन फिर भी पिछले 48 घंटे तक कोई निर्णय न लेकर विपक्ष ने यह साबित कर दिया कि उनका उद्देश्य केवल गतिरोध पैदा करना है। उनके पास कोई समाधान नहीं है।

भाजपा नेता ने आगे कहा कि जनता देख रही है कि क्या यह वही विपक्ष है, जिसको संसद के अंदर सरकार से सवाल पूछने का दायित्व दिया गया है। विपक्ष संसद के सत्र का उपयोग केवल अपने गतिरोध के लिए करता है। विपक्ष की राजनीति और इनके मुद्दे को देश की जनता स्वीकार नहीं कर रही है, इसलिए विपक्ष संसद में गतिरोध पैदा करके अपनी राजनीति चलाने का विफल प्रयास कर रहा है।

उन्होंने आगे कहा कि पूरे देश ने देखा कि किस प्रकार से सरकार ने प्रयास किया कि संसद चले, विपक्ष उसमें भाग ले, पर विपक्ष की मंशा देश के सामने आ गई। उन्होंने कहा कि विपक्ष को पता था कि अगर संसद में चर्चा होगी तो उन्हें भी झारखंड के मुद्दे पर जवाब देना होगा, जिससे दूर भागने के लिए विपक्ष ने यह पूरा संयंत्र किया।

रोहन गुप्ता ने आगे कहा कि पूरा देश विपक्ष की हकीकत देख रहा है कि किस प्रकार से एक राज्य में जहां जनता को उनको मौका दिया, वहां पर छात्रों के ऊपर हमला और उनके साथ उत्पीड़न हो रहा है। किस प्रकार से छात्रों की बातें नहीं सुनी जा रही हैं। यही विपक्ष की हकीकत है कि जो लोग दिल्ली में छात्रों की बड़ी-बड़ी बातें करते हैं। वहीं, दूसरी ओर जहां एक राज्य में उनकी सरकार है, वहां पर उनकी असलियत सामने आ रही है।

उन्होंने कहा कि एक सरकार भाजपा की है, जिसने एंटी-पेपर लीक बिल पास करके दिखाया कि छात्रों के लिए क्या जरूरी है। एनडीए सरकार ने छात्रों की सारी मांगें मानीं। वहीं, झारखंड में दूसरी सरकार छात्रों के ऊपर उत्पीड़न कर रही है। राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल को झारखंड जाना चाहिए। छात्रों के बीच बैठना चाहिए, लेकिन जब राजनीति छात्रों के हित से ऊपर हो जाती है, तब इस प्रकार का मंजर देखने को मिलता है।

--आईएएनएस

डीके/डीकेपी