नई दिल्ली, 19 अगस्त (आईएएनएस)। जदयू के वरिष्ठ नेता हर्षवर्धन सिंह ने बुधवार को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और राजद नेता तेजस्वी यादव पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि जिस तरह से देश की जनता राहुल गांधी को गंभीरता से नहीं लेती है, वैसे ही तेजस्वी यादव को भी बिहार की जनता गंभीरता से नहीं लेती है, क्योंकि दोनों ही नेता अपने-अपने पदों को लेकर गंभीर नहीं हैं।
बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बुधवार को परीक्षाओं में धांधली और अनियमितताओं का मुद्दा उठाते हुए लोकभवन तक मार्च किया।
जदयू के वरिष्ठ नेता हर्षवर्धन सिंह ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि विदेश जाने और सदन में अनुपस्थिति की वजह से उन्हें नहीं पता होता कि प्रदेश में क्या चल रहा है, इसलिए तेजस्वी यादव अपने चहरे को चमकाने के लिए राजनीति करते हैं, ताकि लोगों के बीच अपनी मौजूदगी दर्ज करा सकें। हर्षवर्धन ने कहा कि लोगों ने राहुल गांधी की तरह तेजस्वी यादव को भी गंभीरता से लेना छोड़ दिया है, क्योंकि उन्हें मुद्दे की जानकारी नहीं होती है, बस मीडिया में बने रहने के लिए बेबवजह की बातें करते हैं, जिससे माहौल बने तो मीडिया अपनी कवरेज में उन्हें थोड़ी जगह दें।
जदयू नेता ने तेजस्वी यादव को सलाह दी है कि वे नेता विपक्ष हैं तो उन्हें पक्ष की गलतियों को पकड़ना चाहिए, यह विपक्ष का काम होता है, लेकिन उन्हें तो बस विदेश घूमना है और लौटने के बाद कुछ ऐसा करना है जिससे उनका चेहरा चमका सके।
उन्होंने कहा कि बिहार हमेशा से छात्र राजनीति का गढ़ रहा है। आज भी हमारे कई मंत्री और वरिष्ठ नेता छात्र नेता रह चुके हैं, इसलिए देश में किसी भी दूसरी जगह की तुलना में बिहार में छात्रों की तकलीफों और चिंताओं को बेहतर ढंग से समझा जाता है।
झारखंड में परीक्षा रद्द होने और पेपर लीक मामले को लेकर सरकार पर सवाल उठाते हुए जदयू नेता ने कहा कि जब राजा खुद ही चोर हो जाए तो वही स्थिति बनती है जो झारखंड में बनी।
हर्षवर्धन ने आरोप लगाया कि सरकार ने खुद को बचाने के लिए परीक्षा रद्द की है। उन्होंने कहा कि जब इन परीक्षाओं की जांच होगी तो बड़े चेहरे सामने आएंगे।
आरोपी अभय तिवारी की पत्नी और भाई की गिरफ्तारी पर उन्होंने कहा कि जब तक छोटे प्यादे नहीं पकड़े जाएंगे, बड़े चहरे नहीं डरेंगे।
--आईएएनएस
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