चंडीगढ़, 22 अगस्त (आईएएनएस)। पंजाब कांग्रेस ने आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर अपना जन घोषणापत्र तैयार करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। सांसद डॉ. अमर सिंह ने कहा कि कांग्रेस ऐसा घोषणापत्र तैयार करेगी, जिसमें समाज के हर वर्ग की राय शामिल होगी और जिसे लेकर जनता के बीच भरोसा पैदा हो। इसके साथ ही, उन्होंने दावा किया कि पंजाब में अगली सरकार कांग्रेस की ही बनेगी।
डॉ. अमर सिंह ने बताया कि घोषणापत्र समिति की बैठक हाल ही में ऑनलाइन माध्यम से हुई। पंजाब बंद होने के कारण बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित की गई। बैठक में उनके अलावा अमृतसर से सांसद गुरजीत सिंह औजला, जालंधर से विधायक एवं पूर्व मंत्री परगट सिंह और पूर्व विधायक हरदयाल सिंह कंबोज शामिल हुए। समिति के सदस्य सुखजिंदर सिंह रंधावा विदेश में होने के कारण बैठक में शामिल नहीं हो सके।
उन्होंने कहा कि बैठक में घोषणापत्र तैयार करने की आगे की रणनीति पर चर्चा हुई। कांग्रेस का प्रयास रहेगा कि घोषणापत्र केवल पार्टी का दस्तावेज न होकर पंजाब के आम लोगों की अपेक्षाओं और सुझावों का प्रतिबिंब बने। इसके लिए किसान, मजदूर, कर्मचारी, सेवानिवृत्त कर्मचारी, सेना से जुड़े लोग, उद्योग जगत, विद्यार्थी, शिक्षक, शिक्षाविद, सामाजिक संस्थाएं और अर्थशास्त्रियों समेत विभिन्न वर्गों से बातचीत की जाएगी।
अमर सिंह ने कहा कि पार्टी पहले बड़े शहरों और प्रमुख क्षेत्रों में जाकर लोगों से संवाद करेगी और इसके बाद व्यापक स्तर पर सुझाव जुटाए जाएंगे। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से भी राय ली जाएगी। घोषणापत्र को ऐसा क्रेडिबल डॉक्यूमेंट बनाया जाएगा, जिसमें किए गए वादे व्यावहारिक और पूरे किए जा सकने वाले हों, ताकि लोगों को विश्वास हो कि कांग्रेस जो कह रही है, उसे लागू भी किया जा सकता है।
शिरोमणि अकाली दल और भाजपा के बीच संभावित गठबंधन को लेकर पूछे गए सवाल पर अमर सिंह ने कहा कि दोनों दल पहले भी गठबंधन में रह चुके हैं और कांग्रेस को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। 2017 के विधानसभा चुनाव और 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान भी दोनों दल साथ थे, लेकिन कांग्रेस ने उन्हें चुनाव में चुनौती दी और कई जगह उनके उम्मीदवारों को हराया। यदि अकाली दल और भाजपा फिर साथ आते हैं तो उन्हें जनता के सवालों का जवाब देना होगा। खासकर किसान आंदोलन के दौरान किसानों की मौत और एमएसपी जैसे मुद्दों पर दोनों दलों के रुख को लेकर जनता सवाल करेगी।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की पत्नी द्वारा पूर्व न्यायमूर्ति रंजीत सिंह को कथित आरोपों को लेकर कानूनी नोटिस भेजे जाने पर अमर सिंह ने कहा कि यह दोनों पक्षों के बीच का मामला है। उन्होंने कहा कि आरोप लगाए गए और उसके जवाब में कानूनी नोटिस दिया गया है, लेकिन इसमें कांग्रेस पार्टी या उसके नेताओं का कोई संबंध नहीं है।
राहुल गांधी के धरना-प्रदर्शन को भाजपा द्वारा ड्रामा बताए जाने और वंदे मातरम के मुद्दे से ध्यान भटकाने का आरोप लगाए जाने पर अमर सिंह ने भाजपा और आरएसएस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम के इतिहास और स्वतंत्रता आंदोलन से कांग्रेस का पुराना संबंध रहा है और बीजेपी को इस मुद्दे पर कांग्रेस से सवाल करने से पहले अपने इतिहास को देखना चाहिए। देश के सामने आज शिक्षा, पेपर लीक, रोजगार, गरीबी और बढ़ती असमानता जैसे गंभीर मुद्दे हैं।
पार्टी के भीतर नेताओं द्वारा अलग-अलग राय रखने के सवाल पर अमर सिंह ने कहा कि कांग्रेस एक बड़ी और लोकतांत्रिक पार्टी है, जहां नेताओं और कार्यकर्ताओं को अपनी बात रखने का अधिकार है। हाईकमान के सामने भी नेता अलग-अलग मुद्दों पर अपनी राय रखते हैं और पार्टी नेतृत्व उनकी बात सुनता है।
राहुल गांधी के पंजाब दौरे को लेकर अमर सिंह ने कहा कि उनके पास जो जानकारी है, उसके मुताबिक दौरा अगस्त के अंत या सितंबर के पहले सप्ताह में हो सकता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि राहुल गांधी जल्द पंजाब आएंगे और पार्टी के छोटे-मोटे मुद्दों का समाधान करने के साथ आगामी चुनाव की तैयारियों को भी गति देंगे।
--आईएएनएस
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