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प्राइवेट लोन ऐप से कर्ज लेने वालों को अश्लील फोटो भेजकर ब्लैकमेल करने वाले छह साइबर अपराधी गिरफ्तार

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नोएडा, 1 सितंबर (आईएएनएस)। प्राइवेट लोन ऐप के जरिए कर्ज लेने वाले लोगों को निशाना बनाकर साइबर ठगी और ब्लैकमेलिंग करने वाले गिरोह का गौतमबुद्धनगर साइबर क्राइम पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए छह साइबर अपराधियों को सेक्टर-141, नोएडा से गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से सात मोबाइल फोन, चार एटीएम/डेबिट कार्ड, दो पासबुक, दो ड्राइविंग लाइसेंस, दो पर्स और 810 रुपए नकद बरामद किए गए हैं।

पुलिस के अनुसार, आरोपी अब तक म्यूल बैंक खातों के माध्यम से करीब 25 लाख रुपए की धोखाधड़ी कर चुके हैं। पुलिस के मुताबिक, 31 अगस्त को अभिसूचना संकलन और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के विश्लेषण के आधार पर साइबर क्राइम थाना पुलिस ने यह कार्रवाई की। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान निशांत कुमार, अनीस अली, आदित्य कुमार, पंकज कुमार, निक्की शर्मा और शिवा शर्मा के रूप में हुई है। आरोपियों की उम्र करीब 18 से 28 वर्ष के बीच है और इनमें कुछ आरोपी नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा में किराये के मकानों में रह रहे थे।

जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य प्राइवेट लोन ऐप से कर्ज लेने वाले लोगों की जानकारी हासिल करते थे। इसके बाद उन्हें वीडियो कॉल के माध्यम से संपर्क किया जाता था। आरोपी पीड़ितों से यूपीआई और क्यूआर कोड के जरिए रकम ट्रांसफर करवाते थे। इसके साथ ही साइबर अपराधी पीड़ितों की तस्वीरों को एडिट और मॉर्फ कर अश्लील तस्वीरों में बदल देते थे। इन तस्वीरों को पीड़ितों को भेजकर उन्हें बदनाम करने की धमकी दी जाती थी। आरोपी अश्लील फोटो वायरल करने का डर दिखाकर पीड़ितों से रकम की मांग करते थे।

कई मामलों में पीड़ितों को अलग-अलग बैंक खातों में पैसे भेजने के लिए मजबूर किया जाता था। पुलिस का कहना है कि ठगी की रकम आरोपियों के अपने खातों के अलावा म्यूल बैंक खातों में भी जमा कराई जाती थी। पुलिस की जांच में आरोपियों के मोबाइल फोन से बिनांस , व्हाट्सएप और टेलीग्राम जैसे एप मिले हैं। मोबाइल उपकरणों की जांच के दौरान यूएसडीटी के माध्यम से धनराशि के लेन-देन से संबंधित डिजिटल साक्ष्य भी पुलिस के हाथ लगे हैं। इससे पुलिस को आरोपियों के साइबर अपराध के नेटवर्क और रकम के लेन-देन से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं।

पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने अब तक करीब 25 लाख रुपए की रकम धोखाधड़ी से हासिल की है। इनके खिलाफ नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर पांच शिकायतें भी दर्ज मिली हैं। इनमें उत्तर प्रदेश, पंजाब और गुजरात से एक-एक तथा महाराष्ट्र से दो शिकायतें शामिल हैं। पुलिस बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और बैंकिंग दस्तावेजों की जांच कर रही है।

साथ ही पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि गिरोह से और कितने लोग जुड़े हुए हैं तथा इनके द्वारा कितने लोगों को अपना शिकार बनाया गया है। साइबर क्राइम पुलिस ने लोगों को अनधिकृत प्राइवेट लोन ऐप से कर्ज लेने से बचने की सलाह दी है। पुलिस ने कहा है कि लोन के लिए केवल आरबीआई से अधिकृत वित्तीय संस्थानों और उनके अधिकृत ऐप का ही इस्तेमाल करें।

--आईएएनएस

पीकेटी/डीकेपी