कोलकाता, 23 अगस्त (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री दिलीप घोष ने रविवार को कहा कि समाज में माफिया और कट्टर असामाजिक तत्वों को काबू में रखने के लिए कभी-कभी पुलिस की सख्ती जरूरी होती है।
पश्चिम मिदनापुर जिले के खड़गपुर (सदर) विधानसभा क्षेत्र में भाजपा पार्टी ऑफिस के उद्घाटन के दौरान मीडिया से बातचीत में मंत्री दिलीप घोष ने कहा कि बहुत से लोग कह रहे हैं कि पुलिस जरूरत से ज्यादा सख्ती दिखा रही है। पुलिस को सख्ती दिखाने दें। यह माफिया और कट्टर असामाजिक तत्वों को मनमानी करने देने से कहीं बेहतर है। अगर पुलिस सख्ती दिखाएगी, तो समाज में शांति बनी रहेगी। कभी-कभी, समाज में माफिया और कट्टर असामाजिक तत्वों को काबू में रखने के लिए पुलिस की सख्ती जरूरी होती है।
घोष ने राज्य में ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने पुलिस फोर्स को निष्क्रिय रखकर माफिया और असामाजिक तत्वों को बढ़ावा दिया था।
घोष ने कहा कि पहले पुलिस, गैंगस्टर्स और माफिया सरगनाओं के साथ मिलकर माफिया का राज चलाती थी। अब ऐसा नहीं होगा। जरूरत पड़ने पर एनकाउंटर होंगे। नई राज्य सरकार पुलिसकर्मियों के पार्टी कैडर बनने को बर्दाश्त नहीं करेगी।
इस मुद्दे पर उन्होंने दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर में एक नाबालिग लड़की के रेप और मर्डर के आरोपी प्रवास मंडल के एनकाउंटर में मारे जाने की घटना का भी जिक्र किया।
घोष ने कहा कि कोई भी माफिया या गुंडा आजादी से काम नहीं कर पाएगा। अगर वे असामाजिक गतिविधियों में शामिल होते हैं, तो उन्हें गोली मारी जाएगी, न कि उन्हें चावल-दाल खिलाया जाएगा। उन्हें काबू में रखने के लिए हम जो भी जरूरी होगा, हम करेंगे। जरूरत पड़ने पर एनकाउंटर होंगे, जैसा बारुईपुर के मामले में हुआ था। जरूरत पड़ने पर पुलिस ट्रिगर दबाएगी। आम लोगों को परेशान करना किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
--आईएएनएस
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