Paush Shukla Tritiya : रवि योग में निवेश और व्यापार से होगा लाभ, ये है पूजा का विधान

पौष शुक्ल तृतीया पर रवि योग, मंगलवार व्रत और हनुमान पूजा का विशेष महत्व
मंगलवार विशेष: रवि योग में निवेश और व्यापार से होगा लाभ, ये है पूजा का विधान

नई दिल्ली: पौष माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि मंगलवार दोपहर 12 बजकर 12 मिनट तक रहेगी। इसके बाद चतुर्थी तिथि लग जाएगी। इस तिथि पर रवि योग का निर्माण हो रहा है। इस योग पर किए गए कार्य अत्यंत लाभदायक होते हैं।

द्रिक पंचांग के अनुसार, मंगलवार के दिन सूर्य धनु राशि में और चंद्रमा मकर राशि में विराजमान रहेंगे। अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12 बजे से शुरू होकर 12 बजकर 41 मिनट तक रहेगा और राहुकाल का समय दोपहर 2 बजकर 55 मिनट से शुरू होकर 4 बजकर 13 मिनट तक रहेगा।

ज्योतिष शास्त्र में रवि योग शुभ माना गया है। यह तब बनता है जब चंद्रमा का नक्षत्र सूर्य के नक्षत्र से चौथे, छठे, नौवें, दसवें और तेरहवें स्थान पर होता है। इस दिन निवेश, यात्रा, शिक्षा या व्यवसाय से संबंधित काम की शुरुआत करना अत्यंत लाभकारी माना जाता है।

इसी के साथ ही इस तिथि पर मंगलवार भी पड़ रहा है। अगर आप जीवन में किसी समस्या से जूझ रहे हैं या फिर मंगल ग्रह कमजोर है, तो आप मंगलवार का व्रत और विधि-विधान से पूजा कर सकते हैं। इस दिन किए गए कुछ काम बहुत शुभ फल देते हैं।

जो भी जातक इस तिथि पर व्रत या फिर पूजा करें, वे लाल रंग के वस्त्र जरूर धारण करें। ऐसी मान्यता है कि लाल रंग मंगल ग्रह का प्रतीक होता है। इस दिन लाल कपड़े पहनना और लाल रंग के फल, फूल और मिठाइयां अर्पित करना शुभ माना जाता है।

मंगलवार के दिन विधि-विधान से पूजा करने के लिए आप ब्रह्म मुहूर्त में उठकर नित्य कर्म-स्नान आदि करने के बाद पूजा स्थल को साफ करें। फिर एक चौकी पर लाल कपड़ा बिछाएं और पूजा की सामग्री रखें और उस पर अंजनी पुत्र की प्रतिमा स्थापित करें।

इसके बाद, हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ कर सिंदूर, चमेली का तेल, लाल फूल और प्रसाद चढ़ाएं और बजरंग बली की आरती करें। इसके बाद आरती का आचमन कर आसन को प्रणाम करके प्रसाद ग्रहण करें। दिन शाम को भी हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ करना चाहिए।

--आईएएनएस

 

 

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