पटियाला हाउस कोर्ट ने एसएफआई नेता आइशी घोष के खिलाफ जारी गैर-जमानती वारंट पर लगाई रोक, 30 अगस्त को पेश होने का निर्देश

पटियाला हाउस कोर्ट ने एसएफआई नेता आइशी घोष के खिलाफ जारी गैर-जमानती वारंट पर लगाई रोक, 30 अगस्त को पेश होने का निर्देश

नई दिल्ली, 29 जुलाई (आईएएनएस)। दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) की संयुक्त सचिव आइशी घोष के खिलाफ जारी गैर-जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है। अदालत ने यह राहत उनकी ओर से दायर उस याचिका पर सुनवाई के दौरान दी, जिसमें गैर-जमानती वारंट को रद्द करने की मांग की गई थी।

मामले की अगली सुनवाई 30 अगस्त को होगी। अदालत ने आइशी घोष को उस दिन व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया है।

यह मामला वर्ष 2021 में दिल्ली के बाराखंभा रोड पुलिस थाने में दर्ज एक आपराधिक मामले से जुड़ा है। आरोप है कि आइशी घोष ने एक विरोध-प्रदर्शन में भाग लिया था और इस दौरान सरकारी अधिकारी द्वारा जारी आदेशों का उल्लंघन किया। इसी मामले में अदालत की कार्यवाही के दौरान उनकी अनुपस्थिति के चलते पहले गैर-जमानती वारंट जारी किया गया था।

याचिका में आइशी घोष की ओर से अदालत को बताया गया कि वह पिछली सुनवाई के दौरान अपरिहार्य परिस्थितियों के कारण न्यायालय में उपस्थित नहीं हो सकीं। इसी आधार पर उनके खिलाफ जारी गैर-जमानती वारंट को निरस्त करने का अनुरोध किया गया। अदालत ने फिलहाल वारंट के क्रियान्वयन पर 30 अगस्त तक रोक लगाते हुए उन्हें अगली तारीख पर स्वयं उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं।

इससे पहले 11 अप्रैल 2026 को अदालत ने अपने आदेश में उल्लेख किया था कि आइशी घोष के खिलाफ जारी गैर-जमानती वारंट की तामील नहीं हो सकी, क्योंकि वह जांच एजेंसियों को दिए गए पते पर नहीं मिलीं। अदालत ने यह भी दर्ज किया था कि उन्हें फोन के माध्यम से सुनवाई की तारीख की जानकारी दी गई थी। इसके बावजूद वह अदालत में उपस्थित नहीं हुईं।

इन परिस्थितियों को देखते हुए अदालत ने दिल्ली पुलिस के उपायुक्त (डीसीपी) के माध्यम से नया गैर-जमानती वारंट जारी करने का निर्देश दिया था और मामले को 30 जुलाई की सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया था। इसी सुनवाई के दौरान आइशी घोष की ओर से वारंट रद्द करने की अर्जी अदालत के समक्ष पेश की गई।

अब अदालत ने फिलहाल गैर-जमानती वारंट पर रोक लगाते हुए स्पष्ट किया है कि आइशी घोष को 30 अगस्त को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होना होगा। इस तारीख पर अदालत उनकी याचिका और मामले की आगे की सुनवाई करेगी।

--आईएएनएस

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